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'आज तक' वाद-विवाद प्रतियोगिता में वसंत वैली स्कूल बना नंबर 1

पिछले सात सालों से चल रही 'आज तक' वाद-विवाद प्रतियोगिता इस साल भी वसंत वैली स्कूल में आयोजित की गयी. इस प्रतियोगिता में दिल्ली के 16 स्कूल के बच्चों ने हिस्सा लिया. आज इस प्रतियोगिता का फ़ाइनल हुआ, जिसमें वसंत वैली के बच्चों ने जीत दर्ज की .

दिल्ली के वसंत वैली स्कूल में पिछले सात सालों से आज तक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित होती आ रही है. उस प्रतियोगिता की ख़ास बात ये है कि इससे हिंदी को बढ़ावा दिया जाता है. मगर उससे भी खास बात ये है की उसने हिस्सा लेने वाले सभी छात्र इंग्लिश मीडियम के हैं.

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पिछले दो दिन से चल रही इस प्रतियोगिता में आज वसंत वैली के छात्रों ने जीत दर्ज की . मुक़ाबला था हेरिटिज स्कूल से. वही आज की बहस का विषय था, 'मानवाधिकार ही अपराधियों का हथियार है'?

इस बहस को देखने के बाद हर कोई सोचने पर मज़बूर हो गया की आख़िर 24 घंटे अंग्रेज़ी बोलने वाले बच्चे इतनी अच्छी हिंदी कैसे बोल सकते हैं. जब छात्र बहस कर रहे थे तब ऐसा लग रहा था की जैसे कोई नेता टेलिविज़न पर बहस कर रहा हो. मगर आख़िरकार इस बहस में वसंत वैली के छात्रों ने बाज़ी मारी. जिज्ञासु पंत, सिद्धार्थ, प्रह्लाद शंकर वर्मा इन तीनों की टीम ने ये प्रतियोगिता जीती. छात्रों ने इसका श्रेय अपनी टीचर गीता मेहता को दिया.

'आज तक' संग वसंत वैली ने किया हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन


जीत के बाद बच्चों ने कहा कि वे बहुत ख़ुश हैं. हां, कभी भविष्य का नहीं सोचा मगर नेता भी बनना चाहेंगे. इन बच्चों ने अपनी जीत का श्रेय भी अपने गुरुजनो को दिया. उन्ही की वजह से आज ये बच्चे इतना अच्छा कर पाए हैं .

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इनके हिंदी टीचर विजय ने कहा, 'मैं पिछले 17 सालों से स्कूल से जुड़ा हूं और ऐसी बहस देखकर बहुत गर्व होता है. इस स्कूल के बच्चे एक दिन बहुत बड़े नेता भी बन सकते हैं'.

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