उन्नाव- देश और प्रदेश की सरकारें स्वच्छता अभियान चला कर एक ओर स्वच्छ रहोगे तो स्वस्थ रहोगे की बातें कर रही हैं तो वहीं दूसरी ओर उन्नाव प्रशासन सरकार की इन बातों को नजरअंदाज कर अपने कार्यशैली मे मगन है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव फैक्ट्री क्षेत्र के निवासियों पर हो रहा है, सैकड़ों बीघे फसल बरबाद हो गई है आधा सैकडा बीघे भूमि बंजर हो गई है,लगभग एक सैकडा भैंसों की दूषित जल पीने से मृत्यु हो गई है, कई बच्चों ने भी प्रदूषण के कारण दम तोड़ दी है यह स्थिति केवल एक गांव की हैं दर्जनों अन्य गांवों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। जिला प्रशासन उन्नाव मौन है और ग्रामीणों की गुहार सांसद से लेकर आलाधिकारियों की चौखट तक पहुंची है लेकिन सभी ने आंख, कान,मुंह बंद कर लिया है। जब जिम्मदारों का ही रवैया गैरजिम्मेदाराना हो तो फिर ऐसे में जनता कहां और किसकी चौखट पर जाए। दशकों से उपेक्षा का शिकार हो रहे जिले की ब्लॉक बिछिया के गांव चांदपुर वासियों की समस्याएं कम नहीं हो रही है।
गांव के रामबालक बताते हैं कि फैक्ट्रियों के कारण दूषित हुए हवा और पानी से गांव में कुपोषण और बीमारी ने पैर जमा रखें है गांव के सभी नलों पर लाल निशान लगे हैं,लेकिन हम लोगों की कोई सुध लेने वाला नहीं है।
रामा गरीबी और बीमारी से हुए तंगीहाल को रो-रोकर बताते है कि रात में फैक्ट्रियों से छोडी जाने वाली गैस ने गांव में कैसी विनाश लीला खेली हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण बताते हैं कि सुबह जब हम लोग सोकर उठते हैं तो नाक और मुंह से कालिख निकलती है, खुले में कच्चा गोबर जलाने से मच्छर ने जीना हराम कर दिया है, खेतों मे पडा चमडा फसल और पानी को दूषित कर रहा हैं, गांव के किसान सोनू बताते हैं कि दिपाली केमिकल फैक्ट्री ने आसपास की दर्जनों बीघे जमीन को बंजर बना दिया है, किसानों के खेतों मे फिटकरी बनाने में प्रयोग होने वाला केमिकल दिपाली प्रबंधन के लोग रात में छोड़ देते है विरोध करने पर मारपीट करने पर ऊतारू हो जाते है तथा अन्य फैक्ट्रियों से भी निकलने वाला केमिकल फसलों को बारिश के पानी के साथ बर्बाद कर देता है। कक्षा दस के छात्र नीरज कुमार दही चौकी स्कूल जाते समय की घटना को बताते हुए कहते है कि कई बार ट्रक चालक और फैक्ट्री मजदूर स्कूल जाने वाली छात्राओं को परेशान करते हैं ट्रक चालक जानबूझकर सडक जाम कर देते है जिससे हम लोग स्कूल अधिकांश देर पहुंचते हैं और बडे वाहनों के निकलने से खडंजा भी खराब हो गया है। गांव के पूर्व प्रधान स्टैंडर्ड फूड एग्रो और रुस्तम फूड पर ग्राम सभा की कई बीघे जमीन कब्जाने की बात बताते हुए प्रशासन को दी गई जानकारी के बाद भी ग्राम सभा की जमीन खाली न कराने की बात कही।
जिला प्रशासन की लापरवाही से,देश का भविष्य प्रदूषण की चपेट में।
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September 12, 2017
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