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गूगल मना रहा है एडलीन वर्जिनिया के डूडल के साथ १३६ वां जन्मदिन

एडलीन वर्जिनिया वुल्फ़ (अंग्रेज़ी: Adeline Virginia Woolf) (२५ जनवरी, १८८२ - २८ मार्च, १९४१) २०वीं सदी की एक प्रतिभाशाली अंग्रेज साहित्यकार और निबंधकार थीं। ए रूम ऑफ वन्स ओन की
लेखिका वर्जिनिया वुल्फ प्रसिद्ध लेखिका, आलोचक और पर्वतारोही पिता सर स्टीफन और मां जूलिया स्टीफन की बेटी थीं। उनका जन्म १८८२ में लंदन में हुआ था। बुद्धिजीवियों की आवाजाही उनके घर में होती रहती थी। जाहिर है वर्जिनिया का भी रुझान आरंभ से ही लिखने-पढ़ने की ओर रहा। वर्जिनिया की अधिकतर स्मृतियां कॉर्नवाल की हैं, जहां वह अकसर गर्मीयों की छुट्टियां बिताने जाती
थीं। इन्हीं स्मृतियों की देन थी उनकी प्रमुख रचना - टु द लाइटहाउस जब वह केवल १३ वर्ष की थीं, तब उनकी मां का आकस्मिक निधन हो गया। इसके दो वर्ष बाद अपनी बहन व १९०४ में पिता को भी उन्होंने खो दिया। यह उनका अवसाद भरा दौर था। इसके बाद आजीवन अवसाद के दौरे उन्हें घेरते रहे। इसके बाद भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण कृतियों की रचना की। शारीरिक रूप से बहुत दुर्बल होने के कारण उनकी पढ़ाई-लिखाई घर पर ही हुई। बाद में उन्होंने अध्यापन कार्य आरंभ किया। ३० वर्ष की आयु में उन्होंने लोयोनार्ड वुल्फ़ से विवाह किया। उन्होंने डायरी, जीवनियां, उपन्यास, आलोचना सभी लिखे। लेकिन उनकी प्रिय विषयवस्तु स्त्री विमर्श ही थी। इसी का परिणाम था, उनकी महत्वपूर्ण पुस्तक ए रूम ऑफ वन्स ओन
१९४० में द्वितीय विश्वयुद्ध में नाज़ियों के हमले के दौरान वुल्फ दंपती बहुत परेशान रहा करते थे, क्योंकि उनके पति लियोनार्ड यहूदी थे, जिनसे नाज़ी घृणा करते थे। इसी वर्ष बमबारी में उनका प्रेस नष्ट हो गया। अवसाद की स्थिति में उन्होंने २८ मार्च १९४१ में नदी में छलांग लगा दी और आत्महत्या कर अपना जीवन समाप्त कर लिया। गूगल ने उनके १३६वें जन्मदिन को एक डूडल के साथ मनाया।[1]
उपन्यास
  • द वोयेज आउट (१९१५)
  • नाइट एंड डे (१९१९)
  • जैकब्स रूम (१९२२)
  • मिस डैलोवे (१९२५)
  • टु द लाइटहाउस (१९२७)
  • और्लेंडो (१९२८)
  • ट वेव्स (१९३१)
  • द ईयर्स (१९३७)
  • बिट्वीन द ऐक्ट्स (१९४१)
लघु कथा संग्रह
  • मंडे और ट्यूज़्डे (१९२१)
  • द न्यू ड्रेस (१९२४)
  • अ हौन्टिड हाउस और अन्य लघु कथाएं (१९४४)
  • मिसेस डैलोवेज़ पार्टी (१९७३)
  • द कम्प्लीट शॉर्टर फ़िक्शन (१९८५)
आत्मकथाएँ
वर्जिनिया वुल्फ़ ने निम्नलिखित तीन पुस्तकें प्रकाशित कीं जिन्हें उन्होंने आत्मकथा का उपशीर्षक दिया:
  • ऑर्लैंडो: ए बायोग्राफी (१९२८, वीटा सैकविल-वेस्ट के जीवन से प्रेरित)
  • फ्लश: ए बायोग्राफी (१९३३, एलिजाबेथ बैरेट ब्राउनिंग के कुत्ते फ्लश कि नज़र से उनकी जीवन गाथा)
  • रॉजर फ्राई: ए बायोग्राफी (१९४०)
अकाल्पनिक पुस्तकें
  • मॉडर्न फिक्शन (१९१९)
  • द कॉमन रीडर (१९२५)
  • ए रूम ऑफ वन्स ओन (१९२९)
  • ऑन बीइंग इल (१९३०)
  • द लन्दन सीन (१९३१)
  • द कॉमन रीडर : द्वितीय श्रंखला (१९३२)
  • थ्री गिनीज़ (१९३८)
  • द डेथ ऑफ़ मोथ एंड अदर ऐस्सैज़ (१९४२)
  • द मोमेंट एंड अदर ऐस्सैज़ (१९४७)
  • द कैप्टेनज़ death बीएड एंड अदर ऐस्सैज़ (१९५०)
  • ग्रेनाइट एंड रेनबो (१९५८)
  • बुक्स एंड पोर्ट्रेट्स (१९७८)
  • वीमेन एंड राइटिंग (१९७९)
  • कलेक्टेड ऐस्सैज़ (छ: संस्करण)
नाटक
फ्रेशवाटर: ए कॉमेडी (१९२३ में प्रस्तुत, १९३५ में संशोधित और १९७६ में प्रकाशित)

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