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जानें ग्रामीण क्यों नहीं करेंगे शौचालय का प्रयोग


  • शौचालय कब गिर जाए, निर्माण करने वाले भी नहीं जानते 
  • चल रहे घपले में कई सफेदपोश हैं शामिल
उन्नाव। सरोसी विकास खन्ड सरोसी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बन्दा खेडा में मानको की अनदेखी कर शौचालय के निर्माण में घटिया ईट व सामग्री का प्रयोग होने से इनकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। ग्रामीणो ने पीली ईट व डेस्ट से शौचालय बनाये जाने की सूचना आलाधिकारियो को दी गयी लेकिन कोई जांच करने नहीं
कुछ देर में तैयार हो जाती है दीवार
आया। वहीँ ग्रामीण अभी से ही निर्माणाधीन शौचालय को लेकर भयभीत हैं, जिनमे कई ने इसके प्रयोग को लेकर डर जाहिर करते हुए कहा कि, क्या पता कब गिर जाय, जिससे शौचालय के निर्माण पर सवाल खड़ा हो गया है।  
सरकार के शौचमुक्त भारत के सपने को साकार करने की योजना गांवों में जोर शोर पर है। वैसे तो इस योजना को पूर्ण करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी इसके बाद भी यह विकास कार्य बडे पैमाने पर ग्राम पंचायतो में शुरू है। इसी क्रम में विकास खंड के पूरे गांव में शौचालयों का
निर्माण या आफत
निर्माण प्रगति पर चल रहा है। ग्राम प्रधान द्वारा पीली ईटो की चुनाई घटिया मसाले से कराई जा रही है। कई बार ग्रामीणो ने ग्राम प्रधान से इसकी शिकायत कर विरोध जताया। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ ग्रामीणो की शिकायत के बाद भी किसी अधिकारी का ध्यान अब तक इस ओर नहीं गया। निर्माण घटिया दर्ज की सामग्री का प्रयोग होने से शौचालयो की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। ग्रामीणो का कहना कि ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग कर शौचालयो का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।
 इस सबंध में जब ग्राम प्रधान अनिल मिश्रा से बात की गयी तो उनका कहना था सरकार का आदेश शौचालय निर्माण में ऐसे ही ईट व सामग्री प्रयोग करने का है।
निर्माणाधीन  शौचालयों को लेकर सवाल खड़े करता ग्रामीण 
जिसको बनवाना हो तो बनवाये वरना भांड में जाए। घटिया किस्म की सामग्री से हो रहे शौचालय निर्माण का लाभाथियो ने विरोध तो करना चाहा। लेकिन इस डर से नहीं किया कि जो मिल रहे ओ भी नहीं मिलेगा वो भी चला जाये। लाभाथियो ने ये भी बताया कि हमारे गांव मे पुराने खँडहर को  रिपेयर कराकर नया दिखा दिया गया । ग्रामीणो में आक्रोश व्यक्त है।
रिपोर्ट: सनी कुमार

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