नई नवेली बहू ने ससुराल में धरना देकर बदल दिया गांव का नजरिया
DESK- फिल्म टॉयलेट एक प्रेमकथा से मिलती जुलती एक कहानी सामने आई शहडोल मध्यप्रदेश के बिजहा गांव की बहूरानी स्वाति सोनी की जी हां स्वाती
सोनी जब बहू बनकर ससुराल आईं तो घर में
शौचालय नहीं था। और उन्हें खुले में सौच की आदत न होने के चलते उन्होंने पति से शौचालय बनवाने की विनती की। लेकिन न तो पति ने उनकी बात सुनी और ना ही ससुराल वालों ने और कहने लगे की यहाँ खुले में सभी जाते है और कहने लगे यहाँ खुले में जाने की परम्परा है।
लेकिन बहू ने ना मानाने का फैसला किया और उसने जिद पकड़ ली साथ ही धरना देने का फैसला किया। और ससुराल के बाहर ही धरना दे दिया। नई नवेली बहू को धरने पर बैठा देख गांव की अन्य महिलाएं भी साथ में बैठ गईं। फिर क्या था। पति और ससुरालियों ने बहूरानी की मांग मान ली और घर में शौचालय बनने लगा। बात यहीं खत्म नहीं हुई फिर तो सिलसिला चल पड़ा। देखते ही देखते गांव के 80 फीसद घरों में शौचालय बनकर तैयार हो गए।
बतादे कि संगरौली जिले से जून 2017 में शहडोल के बिजहा गांव निवासी शिवशंकर सोनी से शादी कर ससुराल आई स्वाति ने जब धरना देकर अपनी मांग मनवा ली तो उनकी देखा देखी गांव की अन्य महिलाओं ने भी यही किया। सभी ने एक साथ यह एेलान किया कि यदि शौचालय नहीं बनेंगे तो वह अपने.अपने मायके चली जाएंगी। और अपने अपने पतियों को दीपावली तक का समय दे दिया।
हर घर से उठी मांग और स्वाती की पहल के बाद धरने का यह सिलसिला चल निकला। गांव के किसी न किसी घर के बाहर रोजाना धरने होने लगे और जिस गांव में नौ महीने पहले मुश्किल से 50 शौचालय भी नहीं थे. वहां आज इनकी संख्या बढ़कर 300 पहुंच गई। इस गांव में 1900 की आबादी और लगभग गांव में 400 घर हैं।
हर घर से उठी मांग और स्वाती की पहल के बाद धरने का यह सिलसिला चल निकला। गांव के किसी न किसी घर के बाहर रोजाना धरने होने लगे और जिस गांव में नौ महीने पहले मुश्किल से 50 शौचालय भी नहीं थे. वहां आज इनकी संख्या बढ़कर 300 पहुंच गई। इस गांव में 1900 की आबादी और लगभग गांव में 400 घर हैं।
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