मृतक किसान के परिजनों को पूर्व सांसद की मदद का भरोसा
उन्नाव। सूदखोरो के आंतक के चलते आत्महत्या करने वाले किसान के शोकाकुल परिजनो से मिलने पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने पहुंच कर उन्हे सात्वनां दी। तथा उन्हे सदैव मदद के लिए खुद को आगे रहने की बात कही।
पूर्व सांसद ने देश की अर्थ व्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने वाली इकाई माने जाने वाले किसानो द्वारा आत्महत्या करना देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य बता इसे देश के सर्वोच्य पदों पर आसीन नेताओ की दूर द्रष्टिता पर प्रश्न चिंह लगाते हुए कहा कि इनकी इसी कमी की वजह से देश का किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है। ये बड़ा दुर्भाग्य है। उन्होने आगे कहा कि देश के बड़े बड़े सौदागर किसानों की बैंक में जमा मेहनतकश पूंजी लेकर विदेश भाग रहे हैं और किसान गरीबी व बदहाली के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की दुर्दशा पर चुप्पी साधकर घोटालेबाज उद्योगपतियों को बचाने में लगी है।
पूर्व सांसद ने जब मृतक किसान मुनेश्वर सिंह के परिवार वालों से मामले की जानकारी ली तो उन्होने बताया कि फसल में लगातार नुकसान होने के कारण बैंक के कर्ज को चुकता नहीं कर पा रहे थे जिससे बैंक के कर्मचारी आए दिन घर आकर धमकी देते थे जिससे ऊबकर मुनेश्वर सिंह जी ने आत्महत्या कर ली। जिस पर आहत पूर्व सांसद अन्नू ने सी0ओ0 बांगरमऊ से प्रकरण को लेकर वार्ता की तथा पीड़ित किसान के पीड़ित परिजनों द्वारा दर्ज शिकायत उचित कानूनी कार्यवाही करने का निवेदन किया।
जनपद में सूदखोरो का आतंक इतना ज्यादा है कि ब्याज न देने पर सूदखोर सबकुछ बिकवा देने की धमकी देते हैं। जिसके चलते बीते गुरूवार को बाॅगरमऊ कोतवाली अन्तर्गत रहने वाले किसान ने कर्जदारों से ऊब कर गोली मार कर आत्महत्या कर ली। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस व प्रशासकीय विभाग में हड़कम्प मच गया। वहीं पाॅच दिन पूर्व बारा थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान ने सूदखोरो से तंग आकर फाॅसी लगा कर जान दे दी थी। कोतवाली बाॅगरमउ के ग्राम बल्लापुर के निवासी मुनेश्वर सिंह 70 पुत्र होरी लाल के ऊपर बैंक व सूदखोंरो का कर्ज था। लगातार बढ़ते ब्याज तथा सूदखोरों को ब्याज न चुका पाने तथा बैंको व सूदखोरो के बढ़ते दबाव के चलते किसान ने सीने में तमंचे से गोली मार ली।
बताते चले कि बीते दिवस पूर्व कर्ज के बोझ तले दबे किसान मुनेश्वर सिंह द्वारा आत्महत्या करने की घटना से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। दुःख की घड़ी में एक किसान द्वारा कर्ज के कारण आत्महत्या कर लेने की घटना से आहत पूर्व सांसद अन्नू टण्डन ने गंजमुरादाबाद ब्लाक के बल्लापुर गांव में पहुंचकर दुःखी परिवार को सांत्वना दी तथा हर संभव मदद देने का आश्वासन देते हुये कहा कि बड़ी विडम्बना है कि भारत देश में पृथ्वी का देवता अन्नदाता सरकार की किसान विरोधी नीतियों से तृस्त एवं अपमानित होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। सरकारी बैंकों के कर्ज की जटिल प्रक्रिया होने के कारण किसान मुनेश्वर भाई को बढ़े दरों पर कर्ज लेना पड़ा किसान को खाद बिजली पानी और फसल का उचित समर्थन मूल्य ना मिलने के कारण तथा क्रय केन्द्रों में अपनी फसल बेंचने के लिये दर दर भटक रहे किसान को आज कृषि कार्यों में नुकसान महसूस हो रहा है। जिससे वह कर्ज उतारने में अक्षम दिखाई पड़ रहा है।
इस दौरान पूर्व सांसद के साथ बांगरमऊ प्रतिनिधि विवेक शुक्ला, अनूप कुमार मेहरोत्रा, पंकज कुमार, रामकरन गौतम, राम दुलारे राठौर, जय नारायण पण्डित, बृजराज यादव, मो0 सज्जाद, सुन्दरलाल गौतम, मो0 अय्यूब, डा0 शिवकुमार, धनीराम आदि लोग उपस्थित रहे।
पूर्व सांसद ने देश की अर्थ व्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने वाली इकाई माने जाने वाले किसानो द्वारा आत्महत्या करना देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य बता इसे देश के सर्वोच्य पदों पर आसीन नेताओ की दूर द्रष्टिता पर प्रश्न चिंह लगाते हुए कहा कि इनकी इसी कमी की वजह से देश का किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है। ये बड़ा दुर्भाग्य है। उन्होने आगे कहा कि देश के बड़े बड़े सौदागर किसानों की बैंक में जमा मेहनतकश पूंजी लेकर विदेश भाग रहे हैं और किसान गरीबी व बदहाली के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की दुर्दशा पर चुप्पी साधकर घोटालेबाज उद्योगपतियों को बचाने में लगी है।
पूर्व सांसद ने जब मृतक किसान मुनेश्वर सिंह के परिवार वालों से मामले की जानकारी ली तो उन्होने बताया कि फसल में लगातार नुकसान होने के कारण बैंक के कर्ज को चुकता नहीं कर पा रहे थे जिससे बैंक के कर्मचारी आए दिन घर आकर धमकी देते थे जिससे ऊबकर मुनेश्वर सिंह जी ने आत्महत्या कर ली। जिस पर आहत पूर्व सांसद अन्नू ने सी0ओ0 बांगरमऊ से प्रकरण को लेकर वार्ता की तथा पीड़ित किसान के पीड़ित परिजनों द्वारा दर्ज शिकायत उचित कानूनी कार्यवाही करने का निवेदन किया।
जनपद में सूदखोरो का आतंक इतना ज्यादा है कि ब्याज न देने पर सूदखोर सबकुछ बिकवा देने की धमकी देते हैं। जिसके चलते बीते गुरूवार को बाॅगरमऊ कोतवाली अन्तर्गत रहने वाले किसान ने कर्जदारों से ऊब कर गोली मार कर आत्महत्या कर ली। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस व प्रशासकीय विभाग में हड़कम्प मच गया। वहीं पाॅच दिन पूर्व बारा थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान ने सूदखोरो से तंग आकर फाॅसी लगा कर जान दे दी थी। कोतवाली बाॅगरमउ के ग्राम बल्लापुर के निवासी मुनेश्वर सिंह 70 पुत्र होरी लाल के ऊपर बैंक व सूदखोंरो का कर्ज था। लगातार बढ़ते ब्याज तथा सूदखोरों को ब्याज न चुका पाने तथा बैंको व सूदखोरो के बढ़ते दबाव के चलते किसान ने सीने में तमंचे से गोली मार ली।
बताते चले कि बीते दिवस पूर्व कर्ज के बोझ तले दबे किसान मुनेश्वर सिंह द्वारा आत्महत्या करने की घटना से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। दुःख की घड़ी में एक किसान द्वारा कर्ज के कारण आत्महत्या कर लेने की घटना से आहत पूर्व सांसद अन्नू टण्डन ने गंजमुरादाबाद ब्लाक के बल्लापुर गांव में पहुंचकर दुःखी परिवार को सांत्वना दी तथा हर संभव मदद देने का आश्वासन देते हुये कहा कि बड़ी विडम्बना है कि भारत देश में पृथ्वी का देवता अन्नदाता सरकार की किसान विरोधी नीतियों से तृस्त एवं अपमानित होकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। सरकारी बैंकों के कर्ज की जटिल प्रक्रिया होने के कारण किसान मुनेश्वर भाई को बढ़े दरों पर कर्ज लेना पड़ा किसान को खाद बिजली पानी और फसल का उचित समर्थन मूल्य ना मिलने के कारण तथा क्रय केन्द्रों में अपनी फसल बेंचने के लिये दर दर भटक रहे किसान को आज कृषि कार्यों में नुकसान महसूस हो रहा है। जिससे वह कर्ज उतारने में अक्षम दिखाई पड़ रहा है।
इस दौरान पूर्व सांसद के साथ बांगरमऊ प्रतिनिधि विवेक शुक्ला, अनूप कुमार मेहरोत्रा, पंकज कुमार, रामकरन गौतम, राम दुलारे राठौर, जय नारायण पण्डित, बृजराज यादव, मो0 सज्जाद, सुन्दरलाल गौतम, मो0 अय्यूब, डा0 शिवकुमार, धनीराम आदि लोग उपस्थित रहे।
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