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जोजापुर व करदहा में होली मिलन के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ काव्य समारोह

उन्नाव। अचलगंज ब्लाक के जोजापुर गाँव में कवि रामनाथ “भोला” स्मृति संस्थान का 12 वां होली मिलन समारोह व कवि सम्मेलन आर. के. डी. इंटर कालेज भुभुवार के पूर्व प्रधानाचार्य राम औतार कुशवाहा की अध्यक्षता व प्रसिद्ध व्यंगकार दिनेश उन्नावी के संचालन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का अग्रांकन वीणापाणी की पूजा अर्चना व दीप प्रज्वलन के बाद वरिष्ठ गीतकार शिवबालक राम सरोज की वाणी वन्दना से हुआ।
संस्थान द्वारा प्रदत्त “भोला” साहित्य सम्मान वरिष्ठ गीतकार नरेंद्र सिंह “आनन्द” को मुख्य अतिथि कुलदीप सिंह सेंगर,विधायक बांगरमऊ के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया . इस मौके पर जवाहर लाल रोहतगी नेत्र चिकित्सालय,कानपुर के नेत्र चिकित्सक डा. के. के. मिश्रा के नेतृत्व में एक नेत्र शिविर का भी आयोजन किया गया.स्थानीय फगुहारों ने फाग गाकर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की, सभी नेएक - दूसरे को गुलाल लगाकर नये वर्ष की बधाई दी।
इस अवसर पर नरेंद्र आनन्द ने होली की भावना को प्रदर्शित करते हुए पढ़ा- एकता अखंडता के रंग में जो बोरि सके, भाव देश भक्ति का जगावे वही होली है। शैलेन्द्र त्रिवेदी ने पढ़ा- पालिए न खार कोई रार तकरार कोई, होली है उल्लास का त्यौहार नहीं तोडिये. लोकगीत कार रघुराज सिंह “मगन” ने होली की विसंगति पर कुछ यूँ कहा- कोइला चहला मुहिमा लागी, दारू पी दानवता जागी, यो बोकरन कै शामति लावा दृलई आवा, लईआवा फगुनवा फिरि होरी लई आवा। नसीर अहमद ने कहा- मजहबे इंसानियत आँखों में पढ़ी है मैंने, मैं किसी पूजा इबादत का कायल नहीं।
दिनेश उन्नावी ने पढ़ा- गुझिया की मिठास प्रसारित हो जन गण मन में, होली का शुचि पर्व सभी को मंगलमय हो। सरोज ने गीत पढ़ा-आओ इस देश को फिर से सजाया जाये, दर्द मन में है बहुत कैसे बताया जाये। संजीव तिवारी ने अवधी में पढ़ा- उजरै न द्याबै अपन गाँव मोरे मितवा, फिरि होइहै पिपरे कै छाँव मोरे मितवा। अयोगेन्द्र अख्खड़ ने पढ़ा- डराते हो बहुत और कहते हो डरने नहीं देंगे। पिला करके जहर अब कहते हो मरने नहीं देंगे। इसके आलावा चन्द्र भान चन्द्र और उमाशंकर यादव ने भी होली पर अपनी रचनाये पढकर श्रोताओं को आनन्दित किया।
इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी आयोजक डा.जी.एस. यादव, दशरथ यादव, शिवशंकर, राकेश कुमार वर्मा, सुखदेव सिंह, मान सिंह, हरिनाम सिंह, जयप्रकाश, प्रदीप, पुत्तनलाल पाल, धर्मराज के अतिरिक्त क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक जैसे गणेश प्रधान, जगरूप नेता, श्रीमान, राजेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र यादव, रमेश गौतम, शोभा महेश, रजनीश, संजय यादव, अखिलेश, गजोधर, इन्द्रपाल नेता, प्रशांत त्रिवेदी, यदुवीर सिंह, राजदेव, राजकुमार, सुरजन आदि लोग उपस्थित थे। अंत में संयोजक रघुराज सिंह “मगन” ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

करदहा में होली मिलन समारोह में काव्य रसधार का हुआ प्रवाह 
वहीं ब्लॉक क्षेत्र हिलौली के ग्राम करदहा में होली मिलन समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित काव्य समारोह में वाणीपुत्रों ने हास्य, व्यंग, ओज, श्रृंगार सहित देश भक्ति की रचनाओं से श्रोताओं को सारी रात सराबोर रखा।
काव्य समारोह का शुभारंभ नारेंद्र त्रिपाठी व नंदकिशोर श्रीवास्तव ने दीप जला कर किया। इसके बाद संदल अफरोज ने वाणी वंदना प्रस्तुत की। कवित्री शविस्ता बृजेश रायबरेली ने पढ़ा-जख्म देके हमें मुस्काराते रहे, जनता को उल्लू बनाते रहे पढकर नेताओं पर व्यंग छोडे। अजय प्रधान बाराबंकी ने पढ़ा- छुप छुप कर टीवी देखते हैं देर रात तक, बुड्ढो के दिल में आशाराम घुसे हैं। शिवशरण बंधु फतेहपुरी ने पढा- तेरी चाहत का गर सम्मान होगा, सफर मेरा बहुत आसान होगा। इसके अलावा कवि नर कंकाल, संदल अफरोज, अशोक स्नेही स्वयं श्रीवास्तव ने भी कविता पाठ कर श्रोताओं को खूब हसाया। काव्य समारोह का संचालन कवि नीरज पांडेय ने किया। आयोजक राजेश शुक्ल, जमील अहमद, राजेश सोनी,रमाकांत,लाला कुरैशी, अनूप सोनी, मो. अनीष ने कवियों का स्वागत किया।
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