अलीगंज के भाजपा विधायक से मांगी रंगदारी
एटा। अलीगंज के भाजपा विधायक सत्यपाल सिंह राठौर से भी दस लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई। रकम न देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी भी दी गई है। विधायक ने पुलिस से मामले की शिकायत की। इसके बाद जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
विधायक के मोबाइल व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया जिसमें कहा गया कि वह दस लाख रुपए दें वर्ना परिवार समेत जान से मार दिए जाएंगे। इस मैसेज के मिलने के तत्काल बाद विधायक ने एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया से बात की और पूरा मामला बताया। स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी गई। एसएसपी ने जिस नंबर से मैसेज आया उसे तत्काल सर्विलांस पर लगवा दिया मगर मैसेज किसने किया, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। मैसेज 21 मई की रात 2 बजे आया था। दरअसल यही मैसेज दूसरे जिलों के विधायकों के मोबाइल पर भी आया था। सभी मैसेज की भाषा एक जैसी है। इसलिए यह माना जा रहा है कि एक ही शख्स ने यह मैसेज भेजे हैं, जो नंबर व्हाट्सएप पर आया है वह दुबई का है। सर्विलांस टीम भी नंबर पकड़ नहीं पा रही कि उसका मालिक कौन है और मैसेज भेजने का असली मकसद क्या है। फिर भी जांच एजेंसियां इस नंबर की पड़ताल में जुटीं हैं। एडीशनल एसपी संजय कुमार ने बताया कि नंबर का पता करने की कोशिश की जा रही है। खुफियातंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। इस बीच विधायक ने बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दे दी है और छानबीन की जा रही है।
मैं हूं अली बुदेश भाई
मैसेज भेजने वाले ने अपना नाम अली बुदेश भाई बताया है। उसने विधायक से हुई चैट के दौरान मैसेज में लिखा कि मुझे पता है कि आप रुपये की व्यवस्था नहीं करेंगे। जब तक आप परिवार से एक मृत शरीर नहीं देखते। इसके बाद फिर एक मैसेज डाला कि अगर आप अपने परिवार की सुरक्षा चाहते हो दस लाख की व्यवस्था करो। अगले मैसेज में लिखा कि हम आपसे वादा करते हैं कि तीन दिन के भीतर आपका विश्वास पाने के लिए एक-एक करके हत्या करना शुरू कर देंगे। अगले मैसेज में लिखा है कि मेरे पास आपके साक्षात्कार के लिए समय नहीं है, इसलिए जो कहा है, वह करो। विधायक ने पूछा किसको पैसा देना है, कोई बात तो करें जवाब मिला बिल्कुल। फिर पूछा गया, पैसे तैयार हैं, विधायक ने कहा किसी को भेजो तो। उधर से कहा गया कि मैं बता रहा हूं कि पैसा कैसे भेज सकते हो। इसके बाद एक आईडी भेजी गई और कहा गया कि इस नंबर पर जमा कर दें। दूसरी तरफ पुलिस यह भी मान रही है कि कहीं मैसेज फेक तो नहीं जैसे कि विदेशी नंबरों से लोगों को ठगने के लिए आते हैं।

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