डेंगू दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
उन्नाव। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर कार्यालय सभागार में आयोजित संगोष्ठी में
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 लालता प्रसाद ने बताया कि डेंगू एवं
चिकनगुनियां रोग दो अलग-अलग विशाणुओं द्वारा होते
है। इन दोनों बीमारियों
का रोग वाहक एड़ीज प्रजाति का मच्छर है। यह मच्छर घर के अन्दर तथा आस-पास की
परिस्थितियों में एकत्रित साफ पानी में पैदा होता है इसलिए जल भरे बर्तनों
एवं स्थलों को साफ कर दिया ताकि डेंगू के मच्छर पनपने न पायें।
उन्होनें
बताया कि स्वास्थ्य विभाग एवं नगर पालिका की सर्वेक्षण टीमें प्रत्येक
रविवार को कालोनियों एवं लोगों के घरों का भ्रमण कर मच्छर जनित
परिस्थितियों को समाप्त कराने की कार्यवाही करेगी। भ्रमण के दौरान ग़मलों,
कूलर, टूटे बर्तनों में डेंगू लार्वा तथा आस-पास जलभराव के पाया जाता है।
तो सम्बन्धित व्यक्ति को नोटिस दी जाएगी। ताकि मच्छर जनित परिस्थितियों को
समाप्त किया जा सके। उन्होने कहा कि जिला चिकित्सालय में 10 बेड मच्छरदानी
युक्त अलग वार्ड तथा सामु0/प्रा0स्वा0केन्द्रों पर 5 बेड़ अलग से सुरक्षित
रखने के निर्देष दिए गये है। सभी चिकित्सालयों में फीवर हेल्प डेस्क
स्थापित कर स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती की जायेगी जो बुखार से पीड़ित रोगीयों
की सहायता करेंगी। सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देष दिए गये है
कि चिकित्सालय परिसर व आवासों के आस-पास जल एकत्रित न होने पायें। डेंगू
जांच की पुश्टि हेतु रक्त नमूना सेन्टीनल सर्विलान्स लैंब में भेजने तथा
धनात्मक पायें जाने पर जिला स्तरीय रैपिड़ रिस्पान्स टीमों को प्रभावित
घरों का भ्रमण कर आवष्यक कार्यवाही करने के निर्देष दिए गयें है। इसके साथ
ही मलेरियां यूनिट द्वारा लार्वासाइड का छिड़काव कार्य करेगी। निजी
चिकित्सालय और पैथालाॅजी से डेंगू रोगीयों की रिपोर्ट देने हेतु निर्देष
जारी किया जा रहा है।
डेंगू रोग की रोकथाम हेतु जिला विद्यालय
निरीक्षक व जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी को सात-सात हजार पम्पलेट उपलब्ध करा
दिदए गये है जो स्कलों के प्रार्थना सभा में बच्चों को वितरित कर जानकारी
प्रदान करेगें। नगर पालिका टाउन एरिया के स्तर से नाली नालों की सफाई,
फाॅगिंग करायी जायेगी। अन्य विभागों जल संस्थान, पंचायत विभाग, ग्राम
विभाग, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, सिचाई विभाग, कृशि विभाग, वन
विभाग, रेलवे विभाग भारत संचार निगम आदि को डेंगू रोग से बचाव नियंत्रण
हेतु उनको स्तर से की जाने वाली कार्यवाही की कार्य योजना उपलब्ध करा दी
गयी। जिनके स्तर से जल भराव की परिस्थितियों को समाप्त करने की कार्यवाही
की जाएगी।
संगोष्ठी में सी0एम0एस0 डा0 एस0पी0 चैधरी, डा0 ए0के0
मिश्रा जिला कुष्ठ अधिकारी, डा0 अजय कुमार वर्मा नोड्ल अधिकारी, डा0 आर0एस0
मिश्रा, डी0एच0ई0आई0ओ0 लालबहादुर यादव, सहायक मलेरिया अधिकारी महिपाल
सिंह, जी0सी0 सिंह, डा0 रवि भूशण यादव एपिड़िमियोलाॅजिस्ट, धीरेन्द्र कुमार
डाटा मैनेजर, सरदार मनिन्दर सिंह मलेरिया इन्सपेक्टर मो0 अयाज, विकास
चन्द्र वर्मा, विवेक दीक्षित, आषा गुप्ता, रवीन्द्र कुमार छोटेलाल, अषोक
कुमार आदि उपस्थित रहे।

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