दिल्ली से लौट रहा युवक हुआ जहरखुरानो का शिकार
उन्नाव।
लगातार प्रशासन की तरफ से जागरुकता अभियान चलाए जाने के बाद भी यात्री आए
दिन जहर खुरानी के शिकार होते जा रहे है। इसी क्रम में दबौली से दिल्ली से
चलने वाली रोडवेज बस में एक यात्री जहर खुरानों का शिकार हो गया। वहीं
दिल्ली से लौट रही बस के परिचालक की नजर लगभग खाली बस में औंधे पड़े यात्री
की तरफ पड़ी। जिस पर उसने उसे जगाने की कोशिश की। जिस पर बेहोशी हालत मे
यात्री को देख उसके होश उड़ गए। आनन फानन उसने पुलिस को मामले की सूचना दी।
जिस पर पुलिस ने घटना स्थल पर आ छानबीन की।
प्राप्त जानकारी के
अनुसार दबौली से दिल्ली चलने वाली रोडवेज बस में एक यात्री जहर खुरानी का
शिकार हो गया। जहर खुरान उसकी सारी कमाई उड़ा ले गए। वहीं वे बेहोशी की हालत
में उसे छोड़ कर रास्ते में उतर कर भाग गए। रविवार को शाम करीब 6 बजे जकटा
पुर बांगरमऊ निवासी सुदेश उर्फ शालू आनंद विहार दिल्ली से दबौली वाली बस
में जकटापुर बांगरमऊ के लिए रोडवेज बस में बैठा था। जो सुबह सोमवार को
लगभग 6 बजे फतेहपुर चैरासी चैराहे तक आई। फतेहपुर चैरासी में बस खाली हो
जाने पर बस के चालक व परिचालक ने बस वापस घुमाकर दिल्ली जाने की तैयारी कर
रहे थे। तब तक देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति बस के अंदर सीट के नीचे पड़ा हुआ
है। जिसे कई लोगों को बुलाकर नीचे उतारा और उसे बेहोशी हालत में देखकर
चालक-परिचालक ने 100 नंबर को फोन कर यह जानकारी दी। डायल 100 नंबर पुलिस
मौके पर पहुंचकर उससे उसके घर की जानकारी करने का पूरा प्रयास किया। इस
दौरान उसे किसी तरह होश में लाकर जानकारी ली। होश में आने पर उस व्यक्ति
ने अपना नाम सुदेश उर्फ शालू निवासी जकटापुर बांगरमऊ बताया और अपने घर का
मोबाइल नंबर भी बताया जिससे उसके पिता गौरीशंकर को सूचना दी गई। सूचना पर
परिजन मौके पर पहुंचे जिसपर 100 नंबर पुलिस ने शालू को पिता के सुपुर्द कर
दिया। सुदेश से यह पूछा गया कि तुम्हारा क्या क्या नुकसान हुआ था। जिस पर
उसने बताया मुझे कुछ पता नहीं । उस व्यक्ति के साथ में कोई व्यक्ति नहीं था।
उसने सिर्फ यह बताया कि मुझे किसी ने ठंडा पिलाया था। उसके बाद मुझे कुछ
नहीं पता परिजनों ने यह बताया एक महीने पूर्व यह दिल्ली गया था। वहां इससे
बड़ा एक और भाई काम करता है उसी के पास रहता था। कल शाम साढे़6 बजे आनंद
विहार तक उसका भाई बैठा गया रात में 10 बजे बात हुई थी। फोन पर तो शीलू ने
बताया था कि मैं गाजियाबाद पहुंच गया हूं। उसके बाद से लगातार संपर्क किया
जा रहा था लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस दौरान यह जानकारी नहीं हो सकी कि
उसका कितना नुकसान हुआ। लेकिन जिस समय चालक-परिचालक ने उसे देखा था उसके
पास कुछ भी नहीं था। उसका बैग भी खाली था उसका जेब भी खाली था। सीट के नीचे
अर्ध बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ था।

No comments