विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी के बाद भी डिएड /बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार

बलौदाबाजार। प्रदेश मे विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी के बाद भी डिएड /बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों की
संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। ऐसा भी नहीं है कि है, प्रदेश के जिम्मेदारों को मामले की खबर न हो ।
छ ग शासन के भर्ती प्रक्रिया शुरू नही करने से रायपुर मे डिएड व बीएड बेरोजगार एक माह से अनिश्चित
हड़ताल पर बैठे हुए है। फ़िर भी शासन इन बेरोजगारों की तकलीफ
को नही समझ पाने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है । डिप्लोमा धारकों का दर्द इससे समझा जा सकता है कि नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने का स्वप्न संजोए कई
बेरोजगारों का उम्र शिक्षक बनने के लिमिट उम्र से अधिक हो
चुका है। अब तो इनके लिये अन्य सारे रास्ते भी पूरी तरह बंद हो चुके हैं। तो वहीँ उन्हें ताउम्र बेरोजगार रहना पड़ेगा।
धरना दे रहे एक युवक ने बताया कि ''आम तौर पर हताश बेरोजगार निजी
स्कूल की शरण लेते हैं। लेकिन वहाँ होते शोषण पूर्व अध्यापन से उनको बहूत कम पर काम करना होता है। ऐसे में खाली सरकारी स्कूलों में उनकी भर्ती होनी चाहिए।
गौरतलब हो दुनिया में कई ऐसे देश जहाँ अध्यापक को नेताओं से अधिक महत्व दिया जाता हो, तो वहीं प्रदेश में सरकार उन्हें बेइज्जत करती हो, चिंताजनक है। बताते चलें कि 22 जुलाई को महारैली निकलना था लेकिन पुलिस ने धरना
स्थल पे इन बेरोजगारों को रोक दिया। बीएड व डीएड धारकों ने अब तय किया है कि 29 जुलाई को
मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जायेगा। इस प्रचार हेतु प्रदेश
मे जगह -जगह हर जिला विकासखंड तहसील स्तर पर बेनर , पोस्टर ,
पम्प्लेट वितरण किया जा रहा है। ताकि 29 जुलाई को अधिक से
अधिक संख्या मे रायपुर आने का आहवान किया जा रहा है की डिएड
/बीएड बेरोजगारों इस आंदोलन मे साथ देवे ।
रिपोर्टर -प्रहलाद साहू बलौदाबाजार
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