भट्ठा संचालकों ने सरकार के खिलाफ गम्भीर आरोप लगाते हुए खोला मोर्चा
बाराबंकी। नगर के जिला पंचायत हाल में जुटे ये हैं कई जनपदों से आये ईंट भट्ठा संचालक । इनका आरोप है कि सरकार इनके उद्योग को बंद करने की साजिश कर रही है । भट्ठा मालिकों का कहना है कि सरकार के एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री ने कहा था के वे रायल्टी खत्म कर देंगे लेकिन आज तक कुछ नही हुआ । भट्ठा मालिकों ने आरोप लगया कि उनके उद्योग को बंद करने की साजिश के तहत प्रधानमंत्री आवास जैसी तमाम सरकारी निर्माण में ईंटों का प्रयोग न करने का निर्देश जारी किया गया है । सरकार सरकारी निर्माण में ईंटों की जगह फ्लाई ऐश का प्रयोग करवा रही है ।
गौरतलब हो कि सूबे में करीब 18 हजार ईंट भट्ठे हैं । भट्ठा मालिकों के मुताबिक इनसे लाखों गरीबों को रोजी रोटी मिलती है लेकिन सरकार इनकी परवाह किये बगैर इस उद्योग को बंद करने पर आमादा है । इनकी मानें तो फ्लाई ऐश की ईंटे स्वास्थ्य के लिये हानिकारक तो हैं ही मजबूत भी नही होती । कई रिसर्च में साबित हुआ है कि फ्लाई ऐश से बने आवास में रहने वालों को चर्म रोग , दमा और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां होने का खतरा है बावजूद इसके सरकार फ्लाई ऐश ईंटों का प्रयोग करने को बढावा दे रही है । आने वाली 24 सितम्बर को पूरे सूबे के सभी भट्ठा मालिक लखनऊ में प्रदर्शन कर सरकार से इन नियमों में शिथिलता दिये जाने की मांग करेंगे ।

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