सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो संदीप सिंह हुए शहीद
डेस्क। दो साल पहले पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक कर देश का मान बढ़ाने वाले संदीप सिंह तंगधार में शहीद हो गए हैं। संदीप सिंह तंगधार में घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम करने के दौरान आतंकियों की गोली के शिकार हो गए। हालांकि, इससे पहले उन्होंने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था।
संदीप सिंह सेना के स्पेशल कमांडो बन कर सर्जिकल स्ट्राइक का अहम हिस्सा रहे थे। बता दें कि सितंबर 2016 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के लांच पैड का तबाह कर कई आंतकी शिविरों को नष्ट कर दिया था। इस कार्रवाई में कई आंतकी जो सीमा पार करने की फिराक में थे वह भी मारे गए थे।
भारतीय सेना की इस कार्रवाई से पूरा देश खुश था। वहीं दुश्मन हैरान था। संदीप अपनी पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। संदीप को एक पांच साल का बेटा भी है। उनकी पत्नी और परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
2007 में संदीप सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी 4 पैरा उधमपुर में थी। घुसपैठ की सूचना पर उन्हें तंगधार भेजा गया था। बता दें कि रविवार को एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में संदीप सिंह घायल हो गए और श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
संदीप सिंह सेना के स्पेशल कमांडो बन कर सर्जिकल स्ट्राइक का अहम हिस्सा रहे थे। बता दें कि सितंबर 2016 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के लांच पैड का तबाह कर कई आंतकी शिविरों को नष्ट कर दिया था। इस कार्रवाई में कई आंतकी जो सीमा पार करने की फिराक में थे वह भी मारे गए थे।
भारतीय सेना की इस कार्रवाई से पूरा देश खुश था। वहीं दुश्मन हैरान था। संदीप अपनी पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं। संदीप को एक पांच साल का बेटा भी है। उनकी पत्नी और परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
2007 में संदीप सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी 4 पैरा उधमपुर में थी। घुसपैठ की सूचना पर उन्हें तंगधार भेजा गया था। बता दें कि रविवार को एलओसी पर आतंकियों ने घुसपैठ की जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। इसी मुठभेड़ में संदीप सिंह घायल हो गए और श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।

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