क्राईम के बदलते ट्रेड से दहशतजदा जनपदवासी
उन्नाव। क्राइम के बदलते ट्रेड से दहशत में देवभूमि यूपी में क्राइम के बदलते ट्रेड यूपी के लोग दहशत में है। राज्य में क्राइम के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं । क्राइम के बदलते ट्रेड में पुराने ढर्रे पर चल रही पुलिस खुद को बदलने में नाकाम है।
जनपद में लूटपाट हत्या दुराचार डकैती के मामले हर माह में बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस का हाल यह है कि वह पीछे-पीछे और अपराधी आगे-आगे। जिसमें बदमाशों को पकड़ने में चुनौती पेश आ रही है। उन्नाव जिले में अपराध पर लगाम लगाना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। इन दिनों साइबर क्राइम के मामले में बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में उन्नाव यूपी पुलिस पर सवालिया निशान खड़े होने लाजिमी है। एक माह के भीतर यदि चोरियों के आंकड़े देखा जाए तो बेहद चौकाने वाले हैं। हाल में ही फतेहपुर 84 में पड़ने वाले तकिया चौराहे पर एक ही रात में 4 सुनारों की दुकान व दो मेडिकल को चोरों ने अपना शिकार बनाया गया था। उससे पहले भी दो मेडिकल में चोरी हो चुकी है। जिसके बाद भी पुलिस किसी मामले का अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। बीते दिनों बांगरमऊ पुन्नू पांडे की मोबाइल शॉप में व सरकारी अस्पताल में एक कर्मचारी के यहां हुई चोरियाँ कानून व्यवस्था की हालत बयाँ करने के लिए काफ़ी है। वहीं अपनी लड़की के न्याय के लिये लगातार दर दर की ठोकरें खाता पिता, जिसे पुलिस हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कर उसको कोरे आश्वासन देती फिर रही है। उससे पहले फतेहपुर 84 में एक बालक को थाने में 3 दिन बंद करने के बाद उसे एक अलग स्थान पर ले जाकर मार देने का पुलिस पर आरोप लगा है। उससे पहले एक दबंग प्रधान कटरी गुड्डू के एक राशन की दुकान पर खुलेआम तमंचा लहराते नजर आए थे, यह सब पुलिस के नाक के नींचे होने के बाद भी उनपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वंही अन्य ऐसी कई चोरियां घटनाएं हैं जिनका अभी कोई जिक्र नही किया गया है। ऐसे में क्षेत्रवासी पूरी तरह दहशत में है अपने आप कैसे खुला महसूस करें यह एक बड़े हैरानी की बात तो है।
रिपोर्ट-रियाजुल हसन
जनपद में लूटपाट हत्या दुराचार डकैती के मामले हर माह में बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस का हाल यह है कि वह पीछे-पीछे और अपराधी आगे-आगे। जिसमें बदमाशों को पकड़ने में चुनौती पेश आ रही है। उन्नाव जिले में अपराध पर लगाम लगाना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा है। इन दिनों साइबर क्राइम के मामले में बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में उन्नाव यूपी पुलिस पर सवालिया निशान खड़े होने लाजिमी है। एक माह के भीतर यदि चोरियों के आंकड़े देखा जाए तो बेहद चौकाने वाले हैं। हाल में ही फतेहपुर 84 में पड़ने वाले तकिया चौराहे पर एक ही रात में 4 सुनारों की दुकान व दो मेडिकल को चोरों ने अपना शिकार बनाया गया था। उससे पहले भी दो मेडिकल में चोरी हो चुकी है। जिसके बाद भी पुलिस किसी मामले का अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। बीते दिनों बांगरमऊ पुन्नू पांडे की मोबाइल शॉप में व सरकारी अस्पताल में एक कर्मचारी के यहां हुई चोरियाँ कानून व्यवस्था की हालत बयाँ करने के लिए काफ़ी है। वहीं अपनी लड़की के न्याय के लिये लगातार दर दर की ठोकरें खाता पिता, जिसे पुलिस हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कर उसको कोरे आश्वासन देती फिर रही है। उससे पहले फतेहपुर 84 में एक बालक को थाने में 3 दिन बंद करने के बाद उसे एक अलग स्थान पर ले जाकर मार देने का पुलिस पर आरोप लगा है। उससे पहले एक दबंग प्रधान कटरी गुड्डू के एक राशन की दुकान पर खुलेआम तमंचा लहराते नजर आए थे, यह सब पुलिस के नाक के नींचे होने के बाद भी उनपर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वंही अन्य ऐसी कई चोरियां घटनाएं हैं जिनका अभी कोई जिक्र नही किया गया है। ऐसे में क्षेत्रवासी पूरी तरह दहशत में है अपने आप कैसे खुला महसूस करें यह एक बड़े हैरानी की बात तो है।
रिपोर्ट-रियाजुल हसन

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