अलग-थलग पड़े रहे सपा के झंडे
लखीमपुर खीरी। सपा-बसपा के शीर्ष नेतृत्व में भले ही मिशन 2019 लिए गठबंधन हो गया हो लेकिन क्या जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता इस गठबंधन के बाद एक हो सके हैं? यह यक्ष प्रश्न आज भी मुंह बाए खड़ा है।
क्योंकि आज जो नजारा तस्वीरों में सामने आया उसने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए है।
बता दें कि बीएसपी के एक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के झंडे कूड़े के ढेर में पड़े दिखाई दिए। बसपाई झंडों के इस ढेर के आस पास से निकलते रहे। लेकिन किसी ने भी न तो झंडों की इन लड़ी की तरफ ध्यान दिया और न ही महागठबंधन के इस कार्यक्रम में कोई सपा का झंडा दिखाई दिया। जब मीडिया के कैमरे सपा के झंडों की कवरेज करने लगे तो आनन-फानन में झंडियां लगने लगी।
मामला अरशद सिद्दिकी को सपा-बसपा गठबंधन से लोक सभा का प्रभारी नियुक्त किये जाने के कार्यक्रम से जुड़ा था। जहां आयोजित इस कार्यक्रम में सपा के झंडे कूड़े की तरह पड़े दिखाई दिये। इतना ही नही कार्यक्रम के बाद आयोजित भोज की तस्वीरे भी सुर्खियां बटोर रही हैं। अफरा-तफरी के बीच लोगों में किसी को सब्जी तो किसी को रोटी ही नसीब हो सकी।
...रिपोर्ट : हिमांशु श्रीवास्तव, लखीमपुर खीरी।

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