सरस्वती मंदिर में जाने से तकदीर बदलती है- सुनील सिंह साजन
...रिपोर्ट- रत्नम चौरसिया एडवोकेट।
पुरवा/उन्नाव। संत रविदास ने आडम्बरों व छुआ-छूत का विरोध सबसे पहले किया। समाज को एक नई दिशा दी। वहीं दूसरी ओर बाबा साहब अम्बेडकर ने बराबरी का दर्जा दिया है। मंदिर मस्जिद बाद में जाएं, पहले विद्या मंदिर जाएं। इसी से ही तकदीर बदलेगी। उक्त विचार लखनऊ उन्नाव से एम एल सी सुनील सिंह साजन ने संत रविदास जयन्ती समारोह में स्थानीय विकास खण्ड के ग्राम रम्माखेड़ा में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि मनुवादियों ने दलितों व पिछड़े वर्ग को शिक्षा से वंचित रखा और गुलामी कराते रहे। किन्तु बाबा साहब अम्बेडकर जी के संविधान ने हमें बराबरी पर आने का मौका दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग सिर्फ मंदिर मस्जिद की राजनीति करके समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं। गरीब व वंचित तबके का आरक्षण भी भाजपा खत्म करना चाहती है। इससे पहले एम एल सी सुनील सिंह साजन ने संत रविदास व डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। आयोजकों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
कार्यक्रम आयोजकों ने आल्हा गायन भी कराया।इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक गोपीचंद गौतम, शिवपाल यादव, ब्रज किशोर वर्मा, अशर्फी, ज्ञान प्रकाश यादव, संतोष दिवाकर, विनोद कुमार, अनूप कुमार, आशीष, अनुज, रतीभान, अवधेश यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

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