शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती पर मुस्लिम लीग आयोजित किया सेमिनार
उन्नाव - शहीदे आज़म भगत सिंह की जयन्ती पर शहर के आइडियल इस्लामिक स्कूल में इंडियन मुस्लिम लीग के ज़रिए सेमिनार मुनाअक़िद किया गया जिसमें क़ुसूसी मेहमान कानपुर मुस्लिम लीग के ज़िला सदर हाजी इश्तियाक़ अहमद ने कहा कि भगत सिंह जैसे आज़ादी के सूरमा की वजह से ही हम हिंदुस्तानी इज़्ज़त की ज़िन्दगी जी रहे हैं ।
उन्होने कहा कि भगत सिंह को सच्ची ख़िराज अक़ीदत तभी होगी जब हम लोग भगत सिंह के बताए हुए रास्ते पर चलकर हिंदुस्तान को मज़बूती की राह पर ले जायें।
मुस्लिम लीग के ज़िला सदर मोहम्मद अहमद ने कहा कि भगत सिंह ने ही आज़ादी के आन्दोलन को नया रास्ता दिखाया था और महात्मा गांधी के रास्ते पर चलते हुए आज़ादी का रास्ता दिखाया था । गांधी जी ने उनकी फांसी के वक़्त ब्रिटिश सरकार से फांसी की मुखालिफत कर एहतिजाज दर्ज कराया था । ब्रिटिश सरकार ने एक साज़िश के तहत उन्हे फांसी पर लटकाया था ।
व्यापारी लीडर रजनीकांत श्रीवास्तव ने भगत सिंह को याद करते हुए कहा कि भगत सिंह भारत के ही नही बल्कि समूचे राष्ट्र की हस्ती थे और उन्होने अपनी ज़िन्दगी गरीबों व पस्मान्दह तब्क़े के लिए लगा दी ।
सेमिनार को खिताब करने वालों मे नसीर अहमद, रघुराज सिंह मगन, मोहम्मद जाबिर, इकराम मोहम्मद फरीदी, आफाक खान, सैय्यद सैफ हसन, मोहम्मद नफीस ,उमेश चन्द्र श्रीवास्तव,
धर्मेंद्र सिंह चौहान एडवोकेट, रोशन जहां, तब्स्सुम अहमद, ज़रीना फातिमा वगैरह क़ाबिले ज़िक्र हैं ।
उन्होने कहा कि भगत सिंह को सच्ची ख़िराज अक़ीदत तभी होगी जब हम लोग भगत सिंह के बताए हुए रास्ते पर चलकर हिंदुस्तान को मज़बूती की राह पर ले जायें।
मुस्लिम लीग के ज़िला सदर मोहम्मद अहमद ने कहा कि भगत सिंह ने ही आज़ादी के आन्दोलन को नया रास्ता दिखाया था और महात्मा गांधी के रास्ते पर चलते हुए आज़ादी का रास्ता दिखाया था । गांधी जी ने उनकी फांसी के वक़्त ब्रिटिश सरकार से फांसी की मुखालिफत कर एहतिजाज दर्ज कराया था । ब्रिटिश सरकार ने एक साज़िश के तहत उन्हे फांसी पर लटकाया था ।
व्यापारी लीडर रजनीकांत श्रीवास्तव ने भगत सिंह को याद करते हुए कहा कि भगत सिंह भारत के ही नही बल्कि समूचे राष्ट्र की हस्ती थे और उन्होने अपनी ज़िन्दगी गरीबों व पस्मान्दह तब्क़े के लिए लगा दी ।
सेमिनार को खिताब करने वालों मे नसीर अहमद, रघुराज सिंह मगन, मोहम्मद जाबिर, इकराम मोहम्मद फरीदी, आफाक खान, सैय्यद सैफ हसन, मोहम्मद नफीस ,उमेश चन्द्र श्रीवास्तव,
धर्मेंद्र सिंह चौहान एडवोकेट, रोशन जहां, तब्स्सुम अहमद, ज़रीना फातिमा वगैरह क़ाबिले ज़िक्र हैं ।
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