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रहस्यमय हालातो में युवक का शव रेलमार्ग पर पड़ा मिला

उन्नाव - साथी के साथ सतना जाने के लिए निकले युवक का शव रहस्यमय हालातों में शहर के लोकनगर रेलवे क्रासिग पर  पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परीक्षण हेतु विच्छेदन गृह भेज दिया है। मृतक के परिजनों ने साथी पर ही हत्या किए जाने की आंशका जताई है।
दिलीप मिश्रा पुत्र लक्ष्मी नारायण मिश्रा निवासी टोपरा बलईमउ मौरावा थाना मौरावा का सतना के नोरोज मोहल्ले में छोटा क्लीनिक है। एक साथी शेषपाल सिंह पुत्र स्व0 केंश्वर सिंह निवासी हिश्यामपुर के साथ सतना जा रहे थे। मृतक ने अपने साथी को स्टेशन पर ही मिलने केा कहा जिस पर शेषपाल स्टेशन पर  शाम चित्रकूट एक्सप्रेस पकड़नी थी उसका दोनो लोग प्लेटफार्म पर बैठ इंतजार करने लगे। इसी बीच दिलीप ने शेषपाल को स्टेशन पर रूकने को कह इंन्क्वायरी आफिस जा ट्रेन की जानकारी लेने चला गया। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो शेषपाल को कुछ शक हुआ। जिसके बाद खोजबीन के दौरान दिलीप का  शव उन्नाव कानपुर रेलमार्ग पर लोकनगर रेलवे क्रासिंग पर पड़ा मिला।
परिजनों को मृतक के साथी पर शक 
बार बार बयान बदल रहे मृतक के साथी शेषपाल के ऊपर शक की सुई अटक गई है। करीब पाॅच बजकर 37 मिनट शाम को आने वाली ट्रेन को पकड़ कर दोनो सतना जा रहे थे। शेषपाल के अनुसार दिलीप जब स्टेशन पर आया तब वह शराब के नशे में बेहद घुत्त था। उसने कुछ देर स्टेशन पर रूक कर शेषपाल को वहीं रूकने को कह इंक्वायरी आफिस जाकर ट्रेन की स्थिति जानने की बात कह निकल गया। काफी देर तक जब वह नही आया तो शेषपाल ने उसे फोन करना चाहा। लेकिन फोन नही लग सका। उसी बीच ट्रेन का एलाउंसमेंट होने लगा। जिस पर शेषपाल ने पुनः दिलीप को फोन किया तो उसने फोन नही उठाया। इसी बीच ट्रेन आ गई। तो उसने जीआरपी को जानकारी दे बाहर दिलीप को खोजने निकल गया। काफी देर तक खोजने के बाद भी जब दिलीप नहीं मिला तो उसके पड़ोस में रहने वाले शिव बिहारी तिवारी को सूचना दे अपने रिश्तेदार के यहाॅ चला गयां।
सुबह जीआरपी को राहगीरो ने लोकनगर व स्टेशन के बीच पटरियों के पास संदिग्ध अवस्था में शव को पड़े होने की जानकारी दी। जिस पर पहुंची पुलिस ने शव से मिले पहचान पत्रों से उसकी शिनाख्त कर उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर उसके घर टोपरा में हड़कम्प मच गया। आनन फानन उसके परिजन घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
बुरे फसें हैं, कुछ सूझ नही रहा.................
शेषपाल के अनुसार उसे दिलीप ने रात दस बजे के आसपास फोन कर बताया कि वह कहीं फॅस गया है। उसे कुछ सुझ नहीं रहा है। जिस पर उसने मामला जानना चाहा तो दिलीप ने फोन काट दिया। इसके बाद शेषपाल ने लगातार कई बार उसने फोन किया लेकिन उसका फोन स्विच आफ मिला। वहीं मृतक के परिजनों के अनुसार शेषपाल के पास मृतक के परिजनों के पास फोन होने के बावजूद उसने उसके घरवालों को फोन नहीं किया। जिसके चलते मृतक के साथी का बयान सदेंह के घेरे में है।

                                                  रिपोर्ट - आलोक  अवस्थी 

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