UP NHM भर्ती में गड़बडी के सबूत BJP सरकार से अभ्यर्थी नाखुश, रीता बहुगुणा ने दी सफाई
thepenpalnews.in
यूपी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत लगभग 5 हजार कर्मचारी नर्स और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) की भर्ती में गड़बड़ी के साक्ष्य मिल चुके हैं। सबटाइंस के तहत निर्धारित मानकों से कम नंबर प्राप्त करने वालों की भी भर्ती की गई है। कई मामलों में 90 से 3 नंबर प्राप्तकर्ताओं को भी नौकरी दी गई थी। वहीं, 90 के बीच में 64 नंबर प्राप्त करने वालों को भी घोषित कर दिए गए । बता दें, यह मामला परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के विभाग से जुड़ा हुआ है
वास्तव में सरकार ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में राष्ट्रीय हेल्मेथ मिशन के तहत एएनएम और हेल्थ स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले गए थे। इसके माध्यम से 5000 भर्ती होनी हैं, लेकिन इन भर्ती के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी सामने आई हैं। किसी जिले में 9 0 से 3 नंबर प्राप्तकर्ताओं को भर्ती कराया गया तो किसी अन्य जिले में से 90 में से 64 नंबर प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को भी भर्ती नहीं किया गया है।
यह भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया गया है। महिला कल्याण और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की गई इन भर्तियों में अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी के आरोप सरकार पर लगाए हैं यदि सरकारी वेबसाइट पर देखा जाए तो कई लोगों की रिजल्ट्स ऐसी हैं, जिससे उन्हें पासिंग मार्क्स भी नहीं मिलें। बावजूद इसके उनकी भर्ती को ठीक माना गया है, जबकि कई जिलों में ज्यादा नंबर पाने वाले भी पीछे रह गए
मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, 'सरकार ने पारदर्शी तरीके से भर्ती करने के लिए हर जिले में अलग मेरिट लिस्ट बनवाई है, इसलिए ऐसा हुआ है। जैसे कि किसी जिले में 100 लोग परीक्षा में बैठे थे और उसमें किसी ने सबसे अधिक 10 अंक ही पाए थे उसकी भर्ती हुई है। लेकिन अगर किसी अन्य शहर में परीक्षार्थी ने पचास नंबर पाया, लेकिन उससे भी ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले हैं तो उनकी भर्ती नहीं हुई। हर शहर का अलग मेरिट लिस्ट बनी है। '
बहरहाल सरकार की इस दलील से उम्मीदवार नाखुश है और उनका मानना है कि कम नंबर पाने वाले को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिल जाए तो जनता के स्वास्थ्य के साथ यह बहुत बड़ा खिलवाड़ है। सरकार अपनी कार्यप्रणाली के बारे में संतुष्ट दिख रही है, लेकिन यह गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार के भर्ती करने के तरीके और अधिकारियों की प्लानिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं|
यूपी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत लगभग 5 हजार कर्मचारी नर्स और महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) की भर्ती में गड़बड़ी के साक्ष्य मिल चुके हैं। सबटाइंस के तहत निर्धारित मानकों से कम नंबर प्राप्त करने वालों की भी भर्ती की गई है। कई मामलों में 90 से 3 नंबर प्राप्तकर्ताओं को भी नौकरी दी गई थी। वहीं, 90 के बीच में 64 नंबर प्राप्त करने वालों को भी घोषित कर दिए गए । बता दें, यह मामला परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के विभाग से जुड़ा हुआ है
वास्तव में सरकार ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में राष्ट्रीय हेल्मेथ मिशन के तहत एएनएम और हेल्थ स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले गए थे। इसके माध्यम से 5000 भर्ती होनी हैं, लेकिन इन भर्ती के रिजल्ट में भारी गड़बड़ी सामने आई हैं। किसी जिले में 9 0 से 3 नंबर प्राप्तकर्ताओं को भर्ती कराया गया तो किसी अन्य जिले में से 90 में से 64 नंबर प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को भी भर्ती नहीं किया गया है।
यह भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया गया है। महिला कल्याण और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की गई इन भर्तियों में अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी के आरोप सरकार पर लगाए हैं यदि सरकारी वेबसाइट पर देखा जाए तो कई लोगों की रिजल्ट्स ऐसी हैं, जिससे उन्हें पासिंग मार्क्स भी नहीं मिलें। बावजूद इसके उनकी भर्ती को ठीक माना गया है, जबकि कई जिलों में ज्यादा नंबर पाने वाले भी पीछे रह गए
मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, 'सरकार ने पारदर्शी तरीके से भर्ती करने के लिए हर जिले में अलग मेरिट लिस्ट बनवाई है, इसलिए ऐसा हुआ है। जैसे कि किसी जिले में 100 लोग परीक्षा में बैठे थे और उसमें किसी ने सबसे अधिक 10 अंक ही पाए थे उसकी भर्ती हुई है। लेकिन अगर किसी अन्य शहर में परीक्षार्थी ने पचास नंबर पाया, लेकिन उससे भी ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले हैं तो उनकी भर्ती नहीं हुई। हर शहर का अलग मेरिट लिस्ट बनी है। '
बहरहाल सरकार की इस दलील से उम्मीदवार नाखुश है और उनका मानना है कि कम नंबर पाने वाले को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिल जाए तो जनता के स्वास्थ्य के साथ यह बहुत बड़ा खिलवाड़ है। सरकार अपनी कार्यप्रणाली के बारे में संतुष्ट दिख रही है, लेकिन यह गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार के भर्ती करने के तरीके और अधिकारियों की प्लानिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं|

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