ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार कर रहे खानापूर्ति
उन्नाव- स्वच्छ भारत का सपना ग्राम पंचायत के जिम्मेदार ग्राम प्रधान व् ग्राम पंचयात अधिकारी ने सिर्फ खाना पूर्ति करते नज़र आ रहे है मात्र चार दिन पूर्व दीवारे उठाकर उस प्लास्टर करते समय ही शौचालय की दीवार गिर गयी वही पूर्ण किए गए दूसरे शौचालय का भी गिरना एक हफ्ते में ही शुरू हो गया ठेकेदारी की प्रथा में मानको से बहुत दूर निर्मित किए जाने वाले लगभग चार सौ का भविष्य क्या होगा सरकार का स्वच्छ भारत सपना कैसे पूरा होगा यह बड़ा सोचनीय विषय हैं
विकास खंड सफीपुर की ग्राम पंचायत मखदूमनगर में लगभग चार सौ शौचालय बनाने का लक्ष्य है ग्राम पंचायत अधिकारी सूरज प्रताप सिंह ने स्वयं बनवाने की जिम्मेदारी लेते हुए निर्माण शुरू करा दिया निर्मित शौचालय में आठ दिन पूर्व सजीवन लाल के आवास पर बनाया गया जिसको शुरू भी नही किया जा सका था कि वह टूट कर गिर गया सजीवन का कहना है कि निर्माण में हमे कोई राशि नही मिली जो लोग बनाने आए थे उन्होंने बालू और डस्ट का अधिक प्रयोग किया जिससे बना तो पर उपयोग के लायक ही नही है वही दूसरा शौचालय ललई पुत्र छोटा का था जिसकी दीवारे तैयार कर जैसे ही प्लास्टर का कार्य शुरू हुआ वोह भरभरा कर बैठ गई मानक को ताख पर रख किए गए इस निर्माण की स्थिति बेहद खराब होने के कारण मिस्त्री लेवर सब भाग खड़े हुए ।
इसी ग्राम पंचयात का सचिवालय खंडहर में तब्दील हो चूका हैं स्वच्छता अभियान के तहत घर घर शौचालय के सपने को इस ग्राम पंचायत में होने वाला निर्माण कोसो दूर किए है इस संबंध में खंडविकास अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि इसकी तुरंत जाच कराकर कार्यवाही की जाएगी।
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