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खांदी कटने से सेकड़ो खेतों की खड़ी फसले हो रही तबाह




उन्नाव। नहरों में साफ सफाई न होने के चलते अक्सर खांदी हो जाना तो मानो जनपद वासियों की नियति ही बन चुका है। ऐसा ही हादसा उस वक्त घटा जब हसनगंज के मोहान रजबहा व शारदा नहर मेथीटीकुर गांव के पास कोरारी माइनर की खांदी कटने से खेतों में खडी सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। 

फसल में पानी भरते देख किसान बेहाल हो गए। किसानों ने इसे लेकर नहर विभाग के अधिकारियों को सूचित किया लेकिन काफी देर तक किसी के न पहुंचने से खेत पानी से लबालब हो गए। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसानों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।

हसनगंज के हाजीपुर तरेहा में शनिवार रात मोहान रजबहा की खांदी कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। खड़ी फसल में पानी भरता देख किसान बेहाल हो गए। ग्राम प्रधान सहित दर्जनों किसानों ने अधिकारियों को सूचना दी लेकिन देर शाम तक सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जेई के फोन न उठाने से किसानों में आक्रोश है। 
किसानों ने बताया कि मोहान रजबहा में पानी हाजीपुर तरेहा तक दो साल से नहीं पहुंच पाया। लेकिन जब आया तब किसानों को एक के बाद एक जख्म देने का काम किया। यह मोहान रजबहा बैरी गांव से निकलकर लखनऊ के सरोजनी तक पहुंचती है। यह नहर 20 दिन पहले कमालपुर के पास कटी थी तब भी दूसरे दिन बंध सकी थी। 
वहीं दो जनवरी को फिर हाजीपुर तरेहा के पास सुबह कटी थी। खांदी कटने से तरेहा, हाजीपुर, शेखुपुर, बिसुनखेड़ा, मोहद्दीनपुर के गिरधारी, बेचा, बैजनाथ, फकीरे, लाखन, डंगरू, अशोक, भूरे, ब्रजेश, गुड्डू, धर्मवीर, दयाल, लाला, सुरेश, उदन, लल्ला सहित दर्जनों किसानों के खेत मे गेंहू, आलू व मटर की फसल डूबी हुई है। एसडीम मनीष बंसल ने बताया कि एसडीओ को खांदी बंधवाने को बोल दिया है। खांदी जल्द बंधवा दी जाएगी।
वहीं क्षेत्र की सबसे बड़ी शारदा नहर मे जगह जगह खांदी कटने से खेतों में पानी भर जाता है। जिससे कई बीघे फसल हर साल जलमग्न हो जाती है। । 
प्रशासन का मानना है कि खांदी कटने के जिम्मेदार खुद किसान हैं। वह खुद के खेतों की सिंचाई करने के लिए माइनर, नहरों को बांध देते हैं। जिससे पानी आगे नहीं जा सकता है और ओवरफ्लो होने से खांदी कट जाती है। वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से नहरों व माइनरों की सफाई में खानापूर्ति की गई है। इसकी परिणाम खांदी कटने के रूप में सामने आ रहा है। 

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