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विवेकानंद की 155वीं जयतीं पर विभिन्न संगठनों ने श्रंद्धाजंलि दे उनके विचारो को याद किया

उन्नाव। सपूर्ण विश्व बन्धुत्व के सूत्रधार, युवाओं के प्रेरणास्त्रोत, समाज सुधारक युवा युग-पुरुष, प्रेरणा स्रोत, राष्टवादी विचारधारा के प्रखर वक्ता स्वामी-विवेकानंद की 155वीं जयंती पर उनका  जन्म दिन हिंदू जागरण मंच द्वारा दिन जिला कार्यालय मे मनाया गया। प्रातींय मंत्री विमल द्विवेदी ने विवेकानंद के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय युवाओं को प्राचीन भारत से लेकर अभी वर्तमान भारत तक सबसे ज्यादा किसी महापुरुष ने प्रभावित और प्रेरित किया होंगा, तो वो है स्वामी विवेकानंद। स्वामी विवेकानंद  का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता (वर्तमान में कोलकाता) में हुआ। इनके जन्मदिन को ही राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जिलाध्यक्ष अजय त्रिवेदी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद अत्यन्त विद्वान पुरुष थे। एक बार अमेरीकी प्रोफेसर राइट ने कहा था कि, हमारे यहाँ जितने भी विद्वान हैं, उन सबके ज्ञान को यदि एकत्र कर लिया जाए तो भी, स्वामी विवेकानंद के ज्ञान से कम होगा।
जिला मत्री मनीष पाडें के अनुसार स्वामी विवेकानंद  के विचार व उनकी रचनाएं आने वाले युगों तक देश के युवाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करती रहेगी। अध्यात्म , ज्ञान के उत्कृष्ट भंडार , युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत , भारतीय संस्कृति की धरोहर तथा अपने ओजस्वी वचनों से सम्पूर्ण विश्व में भारत देश का मान सम्मान बढ़ाने का कार्य किया। वहीं अन्य ने भी अपने विचार रखे। जिसमें हिंदू जागरण मंच नगर अध्यक्ष विकास सिंह सेंगर, शिवदत्त आदि ने विवेकानंद की तश्वीर के उपर फूल अर्पित कर उनके बारे में अपने विचार रखे। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष शिवम आजाद, नगर महामन्त्री धर्मेन्द्र शुक्ला, शिवसेवक त्रिपाठी ,शुभम कनौजिया ,अनुज चैधरी ,अखिल मिश्रा नगर मन्त्री ,आयुष सोनी नगर युवा प्रभारी नितेश तिवारी, हिमान्शु सैनी, , प्रशान्त सोनकर, अरुण कुमार, रोहित कुमार, तरुण मिश्रा, अभिषेक अवस्थी, सुधीर भदौरिया, अनिकेत द्विवेदी,राजेश कुमार, अभिषेक द्विवेदी, नितिन सिंह, वरुण त्रिवेदी, आदित्य सैनी, जितेन्द्र शुक्ला, बब्लू शर्मा, आशीष मिश्रा युवा अधिवक्ता, अमित तिवारी, आदि मौजूद रहे ।

अभावि परिषद ने किया विवेकानंद की जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने राष्ट्रपुरुष स्वामी विवेकानन्द जी की 155 वीं जयन्ती को युवा दिवस के रूप में मनाते हुए कई जगह संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमे सर्वप्रथम ’राजकीय बालिका इंटर कॉलेज’ में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे सर्वप्रथम माँ सरस्वती एवं विवेकानन्द जी के चित्रो पर पुष्पांजलि कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। तत्पश्चात विद्यालय की प्रधानाचार्या ’किरण भारती’ एवम् सहायक शिक्षिका सुधा जी द्वारा विवेकानन्द जी के जीवन वृत्त के बारे में बच्चों को बताया गया। परिषद् के ’विभाग सहसंयोजक निशांत शुक्ल’ ने कहा की आज कई तरह के छात्र संगठन हमारे बीच में कार्य कर रहे है किन्तु विद्यार्थी परिषद् ने स्वामी जी को अपना आदर्श बनाया और उनके सपनो का भारत बनाने का बीड़ा उठाया।
इसी क्रम में शहर के प्रमुख महाविद्यालय ’डी एस एन महाविद्यालय’ में भी एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे महाविद्यालय के ’प्राचार्य मानवेन्द्र सिंह जी’ मौजूद रहे। जँहा सर्वप्रथम विवेकानन्द जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। जिसके पश्चात् प्राचार्य जी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा की विद्यार्थी परिषद् ने जो स्वामी जी के सपनो का भारत बनाने का बीड़ा उठाया है वह वास्तव में सम्मान जनक है। हम इसकी प्रशंसा करते है। वंही नगर सहमंत्री आर्यन चैरसिया ने कहा की जिस समय भारत को दीन हीन स्थिति में देखा जाता था उस समय भारत के समृद्धशाली विरासत को स्वामी विवेकानन्द जी ने दुनिया के सामने रखा। आज समस्त समाजिक समस्याओ चाहे वह जातिवाद हो या आतंकवाद, सभी समस्याओ को निराकरण विवेकानन्द जी के बताये रास्ते पर चल कर हल किया जा सकता है। इस मौके पर जिला सहछात्रा प्रमुख रत्ना गुप्ता, नितिन कुशवाह, प्रसून शुक्ल आदि परिषद के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

न्याय पंचायत असोहा ब्लाक में मनाई गई विवेकानंद जयंती

जिस तरह से विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न धाराएं अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हुआ हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है। इस तरह के विचार समाज को देने वाले हम सबके प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन को  राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में हमारे देशभर में मनाया जाता है! यह बात असोहा ब्लाक के सरवन न्याय पंचायत स्थित जनता पूर्व माध्यमिक विद्यालय में विवेकानंद जयंती के सुअवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करते हुए सहायक शिक्षक डॉ. प्रभात सिन्हा ने कही!
इसी क्रम में सहायक शिक्षक संजीव कुमार श्रीवास्तव ने स्वामी जी के शिकागो के भाषण व शून्य के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा आप कितने दिन जिए ये मायने नही रखता, बल्कि आप कैसे जिए ये अधिक महत्वपूर्ण है! शिक्षक दिलीप मिश्र ने राम कृष्ण मठ व विवेकानंद के गुरु राम कृष्ण परमहंस पर चर्चा की! इस अवसर पर छात्रों में रोहित, अर्जुन, संदीप, रेहान, राहुल, बादल,मनीष, प्रशांत, सुमित व विद्यालय परिवार से राजेश रावत, चुन्नीलाल व अभिभावकों में लष्मीकांत, प्रेम प्रकाश तिवारी, आशु तिवारी, रमेश कुशवाहा, भाईलाल आदि उपस्थित रहे।


विवेकानंद  व स्वंतत्रता सेनानी उमांशकर दीक्षित की जयतीं मनाई गई
उन्नाव। बांगरमऊ के स्थानीय इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज देश के प्रखर वक्ता एवं संत स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई। इसके अलावा कांग्रेस नेत्री आरती बाजपेई के कार्यालय चयनिका में भी स्वामी जी तथा देश के पूर्व गृहमंत्री व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय उमाशंकर दीक्षित की जयंती मनाई गई।
स्थानीय राजकीय डिग्री कॉलेज में आयोजित जयंती समारोह में प्राचार्य डॉ सुमन गुप्ता ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का मूल मंत्र है कि मानव को लक्ष्य हासिल करने तक सतत संघर्षशील रहना चाहिए ।संघर्षशील मानव के लिए सभी आध्यात्मिक व सांसारिक प्राप्तियां सुलभ होना संभव है ।उन्होंने एकीकृत राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का उद्घाटन भी किया ।कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सविता राजन ने छात्राओं से राष्ट्रीय सेवा योजना में पंजीकरण कराने और राष्ट्र सेवा के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में सहभाग करने की अपील की ।समारोह में डॉक्टर एस एन राय, डॉ रंजना ,डॉ साधना गुप्ता ,प्रोफेसर सविता, प्रोफेसर किरण ,प्रोफेसर होषिता गुप्ता,  दीपक कुमार पांडे, धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी ,प्रेम कुमार गौतम, संदीप अवस्थी , वी के मिश्रा वा आशीष गुप्ता ने ने भी स्वामी जी के जीवन दर्शन पर विस्तृत प्रकाश डाला।

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