यूपी बोर्ड की परीक्षा के सवाल में प्राइमरी अद्ध्यापक को बताया कामचोर
उन्नाव। बेसिक शिक्षकों का अपमान किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उक्त विचार विकास सिंह चंदेल जिलाध्यक्ष उच्च प्राथमिक जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए कहा।
उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 में इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय के द्वितीय प्रश्न पत्र में प्राइमरी शिक्षकों को कामचोर तथा अपने कार्य में रुचि न लेने संबंधी प्रश्न को सम्मिलित किया गया है,पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ उन्नाव इस प्रकार के कृत्य की घोर निंदा करते हुए इसे मात्र एक गलती न मान कर एक अपराध मानता है साथ ही संगठन का मानना है कि निश्चित रूप से इस प्रकार की मानसिकता वाला व्यक्ति एक शिक्षक कदापि नहीं हो सकता है।
यूपी बोर्ड उत्तर प्रदेश का एक बहुत बड़ा बोर्ड है जिसमें प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में अभ्यर्थी सम्मिलित होते हैं। इतनीमहत्वपूर्ण परीक्षा में इस प्रकार के कुकृत्य के माध्यम से शिक्षकों को अपमानित कर देश के भविष्य के मन में शिक्षकों की इस प्रकार की छवि बनाने का दुस्साहस किया जाएगा इस प्रकार की कोई कल्पना भी नहीं करसकता।
यह बात सर्वविदित है कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक अपने विभिन्न और गैर शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए भी पूरी ईमानदारी और लगन के साथ शिक्षण कार्य करते हैं साथ ही जिस यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस प्रकार का प्रश्न पूछा गया है उसी परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में लगे शिक्षकों में लगभग 70% शिक्षक इसी बेसिक शिक्षा विभाग के हैे।
अतः बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को अपमानित करने वाले इस अपराध के विरुद्ध पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने उक्त प्रकरण पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र से शीघ्र दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं सौरभ ने कहा कि जने हमी है नींव हमीं ने सुंदर भवन बनाया है। जिसके कंगूरे पर चढ़कर हरदम तू इतराया है।
उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा 2018 में इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय के द्वितीय प्रश्न पत्र में प्राइमरी शिक्षकों को कामचोर तथा अपने कार्य में रुचि न लेने संबंधी प्रश्न को सम्मिलित किया गया है,पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ उन्नाव इस प्रकार के कृत्य की घोर निंदा करते हुए इसे मात्र एक गलती न मान कर एक अपराध मानता है साथ ही संगठन का मानना है कि निश्चित रूप से इस प्रकार की मानसिकता वाला व्यक्ति एक शिक्षक कदापि नहीं हो सकता है।
यूपी बोर्ड उत्तर प्रदेश का एक बहुत बड़ा बोर्ड है जिसमें प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में अभ्यर्थी सम्मिलित होते हैं। इतनीमहत्वपूर्ण परीक्षा में इस प्रकार के कुकृत्य के माध्यम से शिक्षकों को अपमानित कर देश के भविष्य के मन में शिक्षकों की इस प्रकार की छवि बनाने का दुस्साहस किया जाएगा इस प्रकार की कोई कल्पना भी नहीं करसकता।
यह बात सर्वविदित है कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक अपने विभिन्न और गैर शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए भी पूरी ईमानदारी और लगन के साथ शिक्षण कार्य करते हैं साथ ही जिस यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस प्रकार का प्रश्न पूछा गया है उसी परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में लगे शिक्षकों में लगभग 70% शिक्षक इसी बेसिक शिक्षा विभाग के हैे।
अतः बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को अपमानित करने वाले इस अपराध के विरुद्ध पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने उक्त प्रकरण पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र से शीघ्र दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं सौरभ ने कहा कि जने हमी है नींव हमीं ने सुंदर भवन बनाया है। जिसके कंगूरे पर चढ़कर हरदम तू इतराया है।

No comments