नक्सली हमले में CRPF के दारोगा राजेश कुमार शहीद
NEWS DESK - छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के आइईडी विस्फोटक बम की चपेट में आने से CRPF के दारोगा राजेश कुमार शहीद हो गए। जोकि पांच जून को अपने गांव वापस आने वाले थे राजेश, 2006 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे।
जौनपुर के ग्राम व पोस्ट के साथ थाना मीरगंज तहसील मछली शहर निवासी करियाव गांव के लाल राजेश कुमार बिंद आज छत्तीसगढ़ में शहीद हो गए। घटना आज सुबह 8:30 बजे की है। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। पांच जून को राजेश को घर वापस आना था।
सबसे बड़े भाई सुरेश घर पर ही रहते हैं। जबकि तीसरा भाई कृष्णकांत लोको पायलट है। चौथा भाई आशीष पालीटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है। पिता जिलाजीत मुंबई में रहते थे। जिनकी 31 अक्टूबर 2012 को मौत हो गई। शहीद राजेश विवाहित हैं। दो दिन पहले ही घर पर लोगों से बात के दौरान उन्होंने बताया था कि पांच को वह घर आ रहे हैं। राजेश वर्ष 2006 में सीआरपीएफ की 206 कोबरा बटालियन में एसआई के पद पर नियुक्त हुए थे।
बताया जा रहा है कि आज की इस घटना से परिवार के लोग अभी अनजान है। प्रशासन भी अधिकृत सूचना न आने की वजह से घर नहीं जा रहा है। हालांकि समीप की पुलिस को भेजकर वहां की रिपोर्टिंग करा रहा है। साथ ही परिवार के लोगों के बारे में मीडिया और वहां मौजूद लोगों से जानकारी हासिल कर रहा है।
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