Ad

style="width:640px;height:100px;" alt="ads" /> ads

Breaking News

ऐसा मंदिर जहाॅ रहते हैं नागराज और अद्भुत मणि

-उत्तराखंड की हर 12 साल में होने वाली सबसे लंबी पैदल यात्रा श्रीनंदा देवी की राज जात यात्रा का यह बारहवां पड़ाव है।


उत्तराखंड। एक ऐसा मंदिर जिसमें पुजारी के अलावा और कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता है। जिसकी वजह है मंदिर में विराजमान नागराज और उनकी अद्भुत मणि। जिसको लेकर क्षेत्र मे मंदिर की चर्चा दूर दूर तक है।
मामला चमोली जिले के देवाल का है। जहाॅ लाटू देवता का मंदिर है। जहाॅ मंदिर में  प्रवेश के लिए पुजारी को एक विशेष तौर पर तैयारी करनी पड़ती है। जिसके बाद वह मंदिर में प्रवेश कर पाता है। क्षेत्रीय निवासियों की माने तो मंदिर में पुजारी को भी आंख, नाक और मुंह पर पट्टी बांध कर देवता की पूजा करनी पड़ती है। श्रद्धालु इस मंदिर परिसर से लगभग 75 फीट की दूरी पर रहकर पूजन करते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर में नागराज अपनी अद्भुत मणि के साथ रहते हैं। जिसे देखना आम लोगों के वश की बात नहीं है। पुजारी भी नागराज के महान रूप को देखकर डर न जाएं इसलिए वे अपने आंख पर पट्टी बांधते हैं। उनका यह भी मानना है कि मणि की तेज रौशनी इंसान को अंधा बना देती है। उनके अनुसार मंदिर में न तो पुजारी के मुंह की गंध  देवता तक और न ही नागराज की विषैली गंध पुजारी के नाक तक पहुंचनी चाहिए। इसलिए वे नाक-मुंह पर पट्टी लगाते हैं। चमोली जिले में देवाल ब्लॉक में वांण नामक स्थान पर मौजूद यह देवस्थल लाटू मंदिर नाम से जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसान लाटू देवता नंदा देवी के धर्म भाई हैं। वांण गांव हर 12 साल बाद होने वाली उत्तराखंड की सबसे लंबी पैदल यात्रा श्रीनंदा देवी की राज जात यात्रा का बारहवां पड़ाव है।
इस मंदिर के कपाट साल में एक ही दिन वैशाख माह की पूर्णिमा को खुलते हैं और पुजारी आंख-मुंह पर पट्टी बांधकर कपाट खोलते हैं। श्रद्धालु और भक्त दिन भर दूर से ही लाटू देवता का दर्शन कर मनोकामना मांगते हैं। इस दिन यहां एक विशाल मेला लगता है।

No comments