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कमिश्नर के आदेश के बाद भी मेडिकल कॉलेज से नहीं मिला शव वाहन, ठेले व ऑटो से ले जाना पड़ा शव

 
 परिजनों को अस्पताल से शव को ठेले पर लादने के बाद ऑटो से घर ले जाना पड़ा
 
सगार। जनपद के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवक की देर रात मौत हो जाने के बाद मृतक के शव को ले जाने के लिये उसके परिजनों को मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने शव वाहन तक मुहैया नहीं कराया। जिसके बाद परिजनों को अस्पताल से शव को ठेले पर लादने के बाद ऑटो से घर ले जाना पड़ा। 
 
बता दे कि जनपद के चंद्रशेखर वार्ड का रहने वाला तुलसीराम साहू काफी समय से बीमार होने के चलते बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज भर्ती था। जिसकी कल देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों से शव वाहन की मांग की। जिसके बाद वह मौजूद कर्मचारियों ने वाहन देने से इनकार कर दिया। 
 
जिसपर मृतक के परिजनों ने कमिश्नर से लिखित शिकायत की जिसके बाद कमिश्नर ने मृतक के परिजनों शव वाहन मुहैया कराने का आदेश दिया। लेकिन इसके बाद भी मृतक के परिजनों को शव ले जाने के लिए शव वाहन नहीं मुहैया कराया गया। जिसके बाद परिजनों ने थक हार कर शव को मेडिकल कॉलेज से एक ठेले में लादकर सड़क पर लेकर आए और इसके बाद परिजनों ने ऑटो बुक किया और शव को ऑटो में लादकर घर लेकर गए।
 

मामला कमिश्नर के सज्ञान में आने के बाद कमिश्नर ने बीएमसी के डीन से जवाब मांगा है। जबकि  तीन दिन पहले ही कमिश्नर ने आदेश दिया था कि बीएमसी और जिला अस्पताल से हर जरूरतमंद को शव वाहन मिलना चाहिए। जिसके बाद भी कमिश्नर के आदेश का पालन नहीं किया गया। 
 
रिपोर्ट - हेमंत आठिया। (सागर मध्यप्रदेश)

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