साईकिल पा आशा संगिनी के खिले चेहरे
उन्नाव। हसनगंज के अन्तर्गत गाँवो में स्वास्थ्य
सेवाओं को और मजबूत करने के लिए
आशा संगिनियो को
सरकार ने साइकिल देकर एक अच्छी पहल की है। अब आशा संगिनी किसी साधन की मोहताज नहीं रहेगी। सी एम ओ ने साइकिल की चाभी भेट कर शुरुआत की। जिससे संगिनियो के चेहरे खिल उठे।
वहीं आशाओं को ए एन एम की मनमानी के
चलते वैक्सीन लाना
व उनको अपने संसाधनों से भेजना मुसीबत बनकर रह गया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत
हसनगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में
सी एम ओ लालता
प्रसाद ने हसनगंज की सात व नवाबगंज की आठ आशा संगिनियो को साइकिल की चाभी देकर रवाना किया। सी एम ओ ने इस पर बताया कि स्वास्थ सुविधाओं को गांवों में और मजबूत करने के
लिए सरकार ने सराहनीय कदम उठाया
है। जनपद में
तहसील मुख्यालय के सी एच सी पर चयनित आशा संगिनियो को साइकिल दी जायेगी। जिसमें साइकिल चलाने के सवाल पर नवाबगंज की आशा संगिनी ममता शुक्ला,
सुनीता, सुधा, नीरज तिवारी, शैल कुमारी आदि ने बताया कि अब किसी
साधन का इंतजार
नहीं करना पड़ेगा।साइकिल चलाना आता है। गाँवों में खुद साइकिल से स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी हो सकती है। अभी तक आशा संगिनियो को पराधीन होकर पति व किसी साधन का
इंतजार कर समय नष्ट करना पड़ता था। भारत
सरकार के द्वारा
साइकिल मुहैया कराकर स्वास्थ से सेवाओं को मजबूत करने की पहल की है। साइकिले पाकर आशा संगिनियो के चेहरे खिल उठे।
रसूलपुर बकिया की ए एन एम की मनमानी के चलते
वैक्सीन सहित ए एन एम को ले जाना व
वापस भेजना मुसीबत
बन कर रह गया है। नाम न छापने की की शतॅ पर बताया कि रसूलपुर बकिया क्षेत्र की ए एन एम राजेश्वरी के द्वारा आशाओं से वैक्सीन मगा कर खुद को ले जाना व वापस भेजने का
फरमान से क्षुब्ध होकर अधीक्षक से
फोन पर सूचना देकर
शिकायत की है। स्वास्थ्य अधीक्षक डा नितिन श्री वास्तव ने इस संबंध में बताया कि वैक्सीन लाना ले जाना ए एन एम की जिम्मेदारी है अगर लिखित शिकायत मिलेगी तो ए एन एम के
खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। आशा
संगिनियो को
साइकिले मिलने से अब आशाओं को भी साइकिल मिलने की उम्मीद बढ़ती नजर आ रही है। बुजुर्ग महिलाओं को साइकिल
चलाना टेढ़ी खीर साबित होगा। जिससे
बुजुर्ग आशाओं की
चिंता बढ़ गई है।
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