अमित शाह के काफिले के सामने कूंदी लड़कियों ने दिखाए काले झण्डे
इलाहाबाद। जनपद में बीते शुक्रवार को अपने विशेष दौरे पर आए अमित शाह को समाजवादी छात्र सभा की दो
लड़कियों ने काले झंडे दिखाए। काला झंडा दिखाने के लिए लड़कियों ने अपनी जान भी जोखिम में डाल दी। वे तेज रफ्तार गुजरते काफिले के बीच में ही कूद पड़ी।
एकाएक सड़क पर दोनों लड़कियों के काला झंडा लेकर आ जाने से हड़कंप मच गया। अचानक ब्रेक मारने से काफिले में शामिल वाहन आपस में भिड़ते-भिड़ते बचे। इसके पहले सपा के कुछ युवा कार्यकर्ताओं ने भी अमित शाह को काले झंडे दिखाने की कोशिश की गई थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। इन छात्राओं ने जान हथेली पर लेकर ये काम किया। बड़ी मुश्किल से दोनों लड़कियों को टक्कर से या कहें कि काफिले से कुचलने से बचाया गया। जब सुरक्षा में लगे कमांडो व पुलिस को घटना क्रम का एहसास हुआ और काला झंडा लहराते लड़कियां दिखाई पड़ी तो उनकी ओर सुरक्षाकर्मी दौड़ पड़े। आनन-फानन में दोनों लड़कियों को दबोचा गया और पीट कर उन्हें पुलिस वैन में डाल दिया गया। इस दौरान एक युवक भी काला झंडा दिखाते हुए दबोचा गया, जिन्हें कर्नल गंज थाने ले जाया गया और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि दिन में समाजवादी पार्टी के आधा दर्जन कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के काफिले को काला झंडा दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन इंडियन प्रेस चौराहे के पास से सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद दूसरे छोर पर समाजवादी छात्र सभा के इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के अध्यक्ष अवनीश यादव के नेतृत्व में काला झंडा दिखाने का प्रयास किया गया। पुलिस की सक्रियता से दो दर्जन से अधिक इन प्रदर्शनकारियों को भी दबोच कर थाने ले जाया गया। लेकिन, समाजवादी छात्र सभा की यूनिवर्सिटी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार नेहा यादव व उनकी एक साथी ने काफिले को अपनी जान जोखिम में डालकर काला झंडा दिखाया और अपनी गिरफ्तारी दी। सुरक्षा में हुई चूक गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इलाहाबाद के दौरे पर आए थे। उनके इस दौरे के लिए पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े इंतजाम किए थे। लेकिन, जब अमित शाह का काफिला गुजरा तो जगह सपाईयों ने काला झंडा दिखाने का प्रयास किया। दो जगह पर भीड़ के रुप में एकत्रित सपाईयों को पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया और प्रदर्शन नहीं करने दिया। लेकिन प्रियंका यादव समेत दो छात्राओं ने अचानक बीच सड़क पर आकर काफिला रोक लिया और काले झंडे दिखाए। दरअसल दोनों छात्राओं को देखकर किसी को शक ही नहीं हुआ कि काला झंडा दिखाने जैसी घटना को वह दोनो अंजाम देने वाली हैं। फिलहाल काला झंडा दिखाकर नारेबाजी कर रही छात्राओं से सुरक्षाकर्मियों ने सख्ती दिखाई और उन्हें पीटकर पुलिस वाहन में डाल दिया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारी ना मारने के लिए हिदायत देते रहे और यही वाक्य दोहराते रहे। लेकिन, पुलिस ने उन्हें उन्हें डांट फटकार के साथ पीट कर थाने ले गई। भाजपा नेता उमेश तिवारी ने बताया कि प्रियंका यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के लिए बतौर प्रत्याशी उतारे जाने की तैयारी है। नाम और चर्चा में आने के लिए आज इन सब के द्वारा यह हथकंडा अपनाया गया।

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