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मामूली बारिश के बाद कस्बे में भरा पानी

खोली साफ सफाई की पोल, अब महामारी का बना खतरा 
उन्नाव। मामूली बारिश ने पानी की निकाश व्यवस्था सही न होने के चलते नगर पंचायत मोहान नगर में कहर ढा दिया। जहॉ कई मोहल्लो में घरों में पानी के घुस जाने से कस्बे वासियो को काफी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। वहीं मोहल्लों में लोगों को भारी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा हैं। 
बताते चले कि कस्बें में नाला सफाई के लिए चैयरमैन व ईओ छह लाख रुपये एड कर कार्य पिछले माह कराया था। लेकिन कस्बे वासियो की माने तो चैयरमैन व ईओं की मिलीभगत से बगैर काम कराये ही सारा धन डकारने की पोल मामूली बारिश होते ही खुल कर सबके सामने आ गई। 
तहसील की सबसे बड़ी नगर पंचायत मोहान में विकास कार्यों में अधिशाषी अधिकारी व चेयरमैन के गठजोड़ से फजीॅ टेंडर दिखाकर अपने चहेते ठेकेदार की मिलीभगत से भृष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।
नगर पंचायत के वर्ष 2017-18 में कस्बे के 13 नालों की सफाई होनी थी। जिनमें किसी नाले की सफाई कराये बिना ही कागजी कोरम पूरा करके छह लाख रुपये का भुगतान दिखा दिया गया। हालांकि इसकी सभासदो ने जिलाधिकारी से लेकर नगर विकास मंत्री व मुख्य मंत्री तक शिकायत की। लेकिन मामले की गंभीरता किसी ने नहीं दिखाई। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की लचर व्यवस्था के चलते नाला सफाई की जांच कमीशन की भेंट चढ़ गयी। जिसका खामियाजा कस्बेवासियों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे दो दिन से हो रही बारिश से कस्बे की नाला और नालियां सफाई के अभाव में चोक हो गयी। जिससे मुख्य आवागमन की सड़को पर गन्दगी व जलभराव हो गया।और यही गंदे पानी की निकासी न होने से पानी घरों में भर गया, जबकि 23 जुलाई को पहली बार विधान सभा अध्यक्ष र्ह्दयनरायन दीक्षित के आने पर विजय कुमार, राजू यादव, दिलीप कुमार, चांद मोहम्मद, मालती, सैय्यद, संदीप कुमार, ज्ञान वती आदि सभासदो ने इस भृष्टाचार की शिकायत कर चेयरमैन व अधिशाषी अधिकारी द्वारा सफाई के नाम पर छह लाख रुपये डकारने का आरोप लगाया था। लेकिन उसके बाद भी प्रशासन के आला अधिकारी नहीं जागे। जिसका नतीजा है कि दो दिनों से वारिश के बाद जोगियाना व आजाद नगर में बजबजाती नालियों का गंदा पानी घरों में भर गया। जिससे नगरवासियों में खासा आक्रोश व्याप्त हो गया है।खास बात है कि अधिशाषी अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने मौके पर आना तक गवारा नहीं समझा और घर में बैठकर सफाईकर्मियों को लगा कर पानी निकलवाने का आदेश दिया है।
सभासदों से बात करने पर उन्होने बताया कि कस्बा मोहान में साफ सफाई के नाम पर आउटसोर्सिंग ठेकेदार की मिलीभगत से प्रति महीने लाखों रुपये का खेल किया जाता है। बरसात के पहले होने वाले नाली-नाला सफाई के नाम पर भी ईओ और चैयरमैन ने साठगांठ करके कागजो पर ही नाला सफाई दिखाकर 6 लाख रुपये हजम कर गये। सभासदो की शिकायत के बाद भी आला अधिकारी लेनदेन कर जांच ठंडे बस्ते में डाल चुके हैं। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को भेजकर घरों से पानी निकासी का इंतजाम कराने के लिए पूरी टीम लगाई गई है। जबकि चेयरमैन हयात रसूल सफाई के नाम पर सरकारी धन हजम करने के सवाल पर अंजान बने हुए हैं।

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