भूतपूर्व व वर्तमान प्रधान में चढ़ा चुनावी ख़ुमार, बने एक दूसरे के विरोधी
-विकास कार्यों से बेखबर गिना रहे एक दुसरे में खांमी
लखीमपुर खीरी। जनपद की ग्राम पंचायत लुधौरी में इन दिनों ग्राम वासियों को अजीब स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक तरफ भूतपूर्व प्रधान अपने कार्यकाल के दौरान चलाई गई योजनाओ से बने कार्यो की तारीफ़ करते नहीं थक रहा है तो दूसरी तरफ वर्तमान प्रधान पूर्व प्रधान के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की खांमी गिनाता फिर रहा है।
आलम यह है कि पंचायत वाशिन्दों से समीक्षा करते हुए नही थकता तो दूसरी तरफ वर्तमान प्रधान पूर्व प्रधान के घोटालो का पिटारा बराबर खोलता नजर आ रहा है। अब इन दोनों की कार्यशैली जो लुधौरी पंचायत वासियो की समझ से परे है, क्योंकि आगामी चुनाव में दोनों प्रधानों को संभवतः चुनाव भी लड़ना है। भूतपूर्व प्रधान गुजरे सत्र में हुए विकास कार्यो के दम पंचायत वाशिन्दों को लुभाने में पूरी ताकत झोक, आगामी चुनाव की तैयारी में जुटा है। वही वर्तमान प्रधान ग्राम पंचायत में कागजी विकास कार्यों में कमर कसे हुए है। सूत्रों की माने तो 2 साल पूर्व ही घोटाले करके धनराशि इकट्ठा कर फिर पुराने इतिहास (बेईमानी) को दोबारा दोहराने की तैयारी में जुटा है।
आलम यह है कि पंचायत वाशिन्दों से समीक्षा करते हुए नही थकता तो दूसरी तरफ वर्तमान प्रधान पूर्व प्रधान के घोटालो का पिटारा बराबर खोलता नजर आ रहा है। अब इन दोनों की कार्यशैली जो लुधौरी पंचायत वासियो की समझ से परे है, क्योंकि आगामी चुनाव में दोनों प्रधानों को संभवतः चुनाव भी लड़ना है। भूतपूर्व प्रधान गुजरे सत्र में हुए विकास कार्यो के दम पंचायत वाशिन्दों को लुभाने में पूरी ताकत झोक, आगामी चुनाव की तैयारी में जुटा है। वही वर्तमान प्रधान ग्राम पंचायत में कागजी विकास कार्यों में कमर कसे हुए है। सूत्रों की माने तो 2 साल पूर्व ही घोटाले करके धनराशि इकट्ठा कर फिर पुराने इतिहास (बेईमानी) को दोबारा दोहराने की तैयारी में जुटा है।
अब दिलचस्प बात यह है कि लुधौरी को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए जहाँ एक तरफ लुधौरी ग्रामवासी दिलो जान झोक रहे है तो वहीँ दूसरी तरफ ग्रामवासियो को साथ देने के लिए दोनो प्रधान इस भाग्य बदलने वाले सराहनीय कार्य पर भी एक राय न होकर पृथक सोच के चलते इसे राजनीति का मुद्दा बनाने की भरपूर कोशिश कर रहे है। जिससे ग्रामवासियो की मेहनत पर काले बादलों का साया भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि लेकिन छोटी सोच रखने वाले इन दोनों प्रधानों को कौन समझाए कि जनता अब सयानी हो चुकी है वह इन के कारनामो का हिसाब भलीभांति सही वक्त पर देगी।
... रिपोर्ट - श्रवण सिंह।
(निघासन लखीमपुर खीरी)

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