जातीय संघर्ष के बीच एक की मौत,कई अन्य घायल
डेस्क। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में आज सुबह अनुसूचित जाति और ठाकुर बिरादरी के लोगो को लेकर आपस में भिड़ंत हो गई । इस दौरान करीब 20 मिनट तक चले लाठी-डंडे और धारदार हथियारों के हमले में अनुसूचित जाति के एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वही कई अन्य लोग घायल हो गए। वही मामले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर आठ थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। वही अनुसूचित जाति के लोगों ने सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गांव के मुख्य चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। फ़िलहाल पुलिस ने ठाकुर समाज के तीन युवकों को हिरासत में ले लिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक मामला गंगानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव ऊलदेपुर का है। यहां ठाकुर और अनुसूचित जाति के लोगों के बीच करीब तीन साल से चले आ रहे जातीय विवाद को लेकर दोनों बिरादरियो में अक्सर संघर्ष की घटनाएं होती रही हैं। बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति के तीन युवक बुधवार रात कांवड़ देखने मोदीपुरम गए थे। इस दौरान रास्ते में ही गांव के ठाकुर समाज के युवकों ने उनके साथ मारपीट की। जिसके बाद देर रात गांव में तनाव फैल गया, हालांकि कुछ संभ्रांत लोगों की हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
मिली जानकारी के मुताबिक मामला गंगानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव ऊलदेपुर का है। यहां ठाकुर और अनुसूचित जाति के लोगों के बीच करीब तीन साल से चले आ रहे जातीय विवाद को लेकर दोनों बिरादरियो में अक्सर संघर्ष की घटनाएं होती रही हैं। बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति के तीन युवक बुधवार रात कांवड़ देखने मोदीपुरम गए थे। इस दौरान रास्ते में ही गांव के ठाकुर समाज के युवकों ने उनके साथ मारपीट की। जिसके बाद देर रात गांव में तनाव फैल गया, हालांकि कुछ संभ्रांत लोगों की हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
लेकिन सुबह होते ही मामला फिर भड़क गया और अनुसूचित जाति के लोग ठाकुरों की बस्ती में पहुंच गए, इसके बाद कृष्ण चौहान के घर के बाहर दोनों बिरादरी के लोगों में कहा सुनी के दौरान जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान करीब 20 मिनट तक लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। घटना में अनुसूचित जाति के रोहित पुत्र देवेंद्र के अलावा विनोद, अनुज, रवि सहित कई लोग घायल हो गए, जिस दौरान रोहित को गंभीर अवस्था में देख लोगो ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया।
जिसके बाद अनुसूचित जाति के लोग भड़क गए और उन्होंने जमकर हंगामा करते हुए गांव के मुख्य चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही सीओ दौराला और सीओ सदर देहात आठ थानों की फोर्स और पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भिजवाने की कोशिश की लेकिन अनुसूचित जाति के लोगों ने ठाकुर समाज के सभी आरोपितों की गिरफ्तारी होने तक शव उठने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस और अनुसूचित जाति के लोगों के बीच जद्दोजहद चल रही है। सूचना पर एसडीएम सदर निशा अनंत भी मौके पर पहुंच गई हैं।

No comments