आओ राजस्थानी दाल-बाटी बनाना सीखें-
शिखा अवस्थी
दाल बाटी का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मुह में पानी आ ही जाता है। पिछले दिनों काजू करी आपके द्वारा सराही गई थी। आज राजस्थानी दाल-बाटी बनाना सीखते है। यह रेसिपी सामान्यतः 4-6 लोगों के लिए है। इसे बनाने में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है।
बहुत से घरो में काजू करी एक आम पकवान है। लोग बड़े स्वाद से इस डिश को खाते है.....
इसे बनाने में आवश्यक सामग्रीः-
- दाल की सामग्रीः
- अरहर दाल 250 ग्राम
- दो टमाटर, टुकड़ों में काट लें
- लहसुन की 3-4 कलियां (यदि आप प्याज लहसुन नहीं खाते है, तो इसमें मत मिलाए। स्वाद में विशेष फर्क नहीं लगता है।)
- एक टुकड़ा अदरक, कद्दूकस कर लें
- एक चम्मच कद्दूकस नारियल
- 2 प्याज बारीक कटी हुई (यदि आप प्याज लहसुन नहीं खाते है, तो इसमें मत मिलाए। स्वाद में विशेष फर्क नहीं लगता है।)
- चार हरी मिर्च, छोटे टुकड़ों में काट लें
- एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी
- दो बड़ा चम्मच तेल
- एक छोटा चम्मच साबुत धनिया
- चुटकी भर हींग
- नमक स्वादानुसार
- एक छोटा चम्मच चीनी
- एक नींबू का रस
- एक बड़ा चम्मच धनियापत्ती
बाटी बनाने के लिए आवश्यक सामग्रीः-
- आटा 500 ग्राम
- एक बड़ा चम्मच तेल मोयन के लिए
- घी 150 ग्राम
- एक छोटा चम्मच जीरा
- एक छोटा चम्मच अजवाइन
- आधी छोटी कटोरी दही
- स्वादानुसार नमक
- चूरमा बनाने के लिए सामग्री
- एक कप गेहूं का आटा
- तीन बड़ा चम्मच रवा (सूजी)
- आधा कप बेसन (चाहें तो)
- तीन बड़ी चम्मच पिसी चीनी
- आवश्यकतानुसार दूध
- आवश्यकतानुसार घी
- आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- सात बारीक कटे बादाम
- सात से आठ किशमिश
- सात से आठ काजू
- बनाने की विधि
ऐसे बनाएं चूरमाः- सबसे पहले एक बर्तन में आटा, रवा और बेसन एक साथ छान लें. इसमें एक बड़ा चम्मच पिघला हुआ घी मिलाएं। इसके बाद आवश्यकतानुसार दूध डालकर आटे का मिश्रण गूंद लें। आटा न ज्यादा नर्म, न ज्यादा सख्त गूंदें। अब आटे को छोटे-छोटे बराबर हिस्सो में बांटकर लोई तैयार कर ले।. इन्हें गोल-गोल करके हथेली से दबाकर प्लेट में रख लें। मीडियम आंच पर एक कड़ाही में घी गरम करें। घी के गरम होते ही तेल में एक साथ 3 से 4 लोई डालकर सुनहरा होने तक फ्राई करें। इसी तरह से सारी लोइयां तल लें और आंच बंद कर दें।
सारी लोइयों के ठंडा होते ही इन्हें दरदरा पीस लें। अब इसमें पिसी हुई चीनी, इलायची पाउडर, काजू, किशमिश और बादाम डालकर मिक्स करें। अब चूरमा बनकर तैयार हैं।
दाल बनाने की विधिः-
सबसे पहले दाल को अच्छे से धो लें। फिर कुकर में दाल, पानी, नमक और हल्दी डालकर 4-5 सीटी आने तक पकाएं और आंच बंद कर दें। अब मीडियम आंच में एक तड़का पैन तेल या घी डालकर गरम होने के लिए रखें।
जब तेल अच्छे से गरम हो जाए तो इसमें राई-जीरा, साबुत धनिया, हींग और नारियल बूरा डालें। इसके बाद हरी मिर्च, अदरक, टमाटर, लहसुन व प्याज डालकर अच्छी तरह फ्राई कर लें। अब लाल मिर्च और उबली दाल डालकर 2-3 उबाल आने तक पका लें। फिर इसमें थोड़ा-सा नींबू का रस और चीनी डाल दें और 4-5 उबाल लेकर आंच बंद कर दें। अब आपकी दाल तैयार हो गई।
अब बारी आती है। बाटी बनाने कीः-
आटे में उपरोक्त सामग्री डालकर मिक्स कर लें और गुनगुने पानी से गूंद लें. 15-20 मिनट तक आटे को रखे रहने दें। इसके बाद आटे की गोल-गोल बाटियां बनाकर गरम ओवन में रख दें। अगर ओवन नहीं है तो आप बाटी मेकर स्टैंड में भी बाटी बना सकते हैं. यह मार्केट में आपको किसी भी बर्तन की दुकान में मिल जाएगा।
अगर आपके पास बाटी मेकर या फिर ओवन नहीं है तो फिर आप रोटी सेंकने वाली जाली में भी बाटी सेंक सकते हैं. हालांकि इसमें थोड़ी-सी मेहनत करनी होगी।
कूकर में बनाएं बाटी
प्रेसर कूकर में बाटी बनाने के लिए सामान्यतः और कुछ नहीं करना है। बाटी को अमूमन अन्य बाटियों की तरह से पहले आटे को अच्छे से गूंद लें। फिर हल्की आंच पर कूकर को गर्म होने के लिए रख दें। अब कूकर में थोड़ा सा घी या फिर तेल डाल दें। अब आटे की बाटी बना लें। अब सभी बाटियों को कूकर में डालकर रख दें। कूकर से सीटी निकाल दें। बीच में एक बार बाटी को पलट दें. और फिर ढक्कन बंद कर दें. इसमें 20-25 मिनट लगेगा। आपकी स्वादिष्ट बाटी एकदम तैयार हैं। दाल के साथ गर्मागर्म बाटी सर्व करें।
लेकिन अगर बाटी का शुद्ध देसी स्वाद चखना चाहते हैं फिर बाटियों को कंडे की आग में सेंक लें। कंडे की आग में बाटी सेंकने के बाद एक सूती कपड़े में रखकर अच्छी तरह झाड़ लें ताकि इनमें कंडे की राख लगी न रह जाए।
ओवन, बाटी वाले ओवन और रोटी की जाली पर धीमी आंच पर बाटी को गुलाबी होने तक सेकें। सेंकने के बाद सारी बाटियों को घी में डालकर कुछ देर तक रखें। फिर दाल और चूरमा के साथ सर्व करें. आप थाली में हरी चटनी भी रख सकते हैं।



No comments