देश के राजनीतिक नक्शे में खास जगह रखने वाले उत्तर प्रदेश में, लोकसभा
चुनाव के मद्देनजर प्रियंका की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो कांग्रेस की आध्यात्मिक चुनावी शुरूआत
पार्टी के लिए बेहतर परिणाम ला सकती है। तो इस नैया की यात्रा से कांग्रेस की क्या नैया पार हो सकती है। देखे पूरी रिपोर्ट...
डेस्क। कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज सोमवार को प्रयागराज में विश्राम मुद्रा में लीन यात्रा से पहले प्रियंका गांधी ने बड़े हनुमान के दर्शन किए और विधि विधान से पूजा अर्चना की। जिसके बाद उन्होने अपनी चुनाव यात्रा की शुरूआत कर दी। संगम के पहुंच यात्रा के शुरूआत करते हुए उन्होने विधिविधान से गंगा की आरती और पूजा की। इसके बाद क्रूज बोट से उनकी प्रयागराज से बनारस की तीन दिवसीय यात्रा विधिवत आरंभ हो गई। इसके पहले दर्शन और पूजा के बाद प्रियंका का काफिला शहर से करीब 20 किमी दूर मनैया घाट पहुंचा जहां उन्होंने स्थानीय लोगों का अभिवादन किया और अपनी इस यात्रा के लिए क्रूज बोट पर सवार हो गईं। इस दौरान क्रूज बोट पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुछ छात्र छात्राएं और कांग्रेस के कुछ नेता मौजूद थे। जलयात्रा के जरिए प्रियंका का कार्यक्रम मनैया घाट से दुमदुमा घाट जाने का है जहां पर वह स्थानीय नेताओं और लोगों से मिलेंगी। वहां से उनकी जलयात्रा सिरसा घाट और फिर सीतामढ़ी घाट की तरफ शुरू हो जाएंगी। सिरसा घाट और फिर सीतामढ़ी घाट में लोगों और स्थानीय नेताओं से मिलने के बाद प्रियंका विंध्याचल जाएंगी. प्रियंका की प्रयागराज से बनारस की यह तीन दिवसीय यात्रा 20 मार्च को बनारस में संपन्न होगी।
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