वकील और उसके भतीजे के साथ मारपीट, झोंका फायर
उन्नाव। सहपाठी से दो दिन पहले विवाद के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा
मामला रफा-दफा करा देने के बाद भी बदले की नीयत से छात्र ने अपने सहयोगियों
के साथ मिलकर सहपाठी को घेर कर मारपीट की। भागकर उसने परिजनों को जानकारी
दी तो परिजनों को मौके पर आता देख आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जिससे
अफरातफरी मच गई। लोगों ने एक आरोपी को दौड़ाकर पकड़ लिया और ईंट मारकर उसकी
कार का पीछे का शीशा तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस पकड़े गए युवक को लेकर
कोतवाली गई।
शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला हिरन नगर निवासी सतीश कुमार द्विवेदी का कक्षा नौ में पढ़ने वाले पुत्र हितेश द्विवेदी का कुछ दिनों पहले साथ में पढऩे वाले अस्मित प्रतीक के साथ विवाद हुआ था। दोनों के परिजनों को स्कूल प्रबंधन ने बुलाकर चेतावनी दी और विवाद का निपटारा करा दिया। अस्मित प्रतीक ने अपने साथियों को जब मामले के बारे में बताया तो सभी ने हितेश को सबक सिखाने की योजना बनाई। बुधवार शाम सात बजे अस्मित प्रतीक अपने मित्रों के साथ एबीनगर पर हितेश का इंतजार कर रहा था। इसी बीच हितेश अपनी दादी कमलेशा को अस्पताल दिखवा कर वापस घर लौट रहा था। कार सवार दबंगों ने पहले उसे रोककर गाली गलौज शुरू कर दी। किसी तरह वह वहां से निकला और परिजनों को आपबीती सुनाई। हितेश अपने चाचा वकील सुधीर कुमार द्विवेदी, भाई आयुष के साथ दोबारा वहां पहुंचा तो हमलावरों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई जिससे अफरातफरी मच गई। मोहल्ले के लोगों ने शुभम नाम के युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी जयशंकर सिंह ने मौके से हमलावरों की कार को कब्जे में लिया और पीड़ित पक्ष से तहरीर देने की बात कही।
शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला हिरन नगर निवासी सतीश कुमार द्विवेदी का कक्षा नौ में पढ़ने वाले पुत्र हितेश द्विवेदी का कुछ दिनों पहले साथ में पढऩे वाले अस्मित प्रतीक के साथ विवाद हुआ था। दोनों के परिजनों को स्कूल प्रबंधन ने बुलाकर चेतावनी दी और विवाद का निपटारा करा दिया। अस्मित प्रतीक ने अपने साथियों को जब मामले के बारे में बताया तो सभी ने हितेश को सबक सिखाने की योजना बनाई। बुधवार शाम सात बजे अस्मित प्रतीक अपने मित्रों के साथ एबीनगर पर हितेश का इंतजार कर रहा था। इसी बीच हितेश अपनी दादी कमलेशा को अस्पताल दिखवा कर वापस घर लौट रहा था। कार सवार दबंगों ने पहले उसे रोककर गाली गलौज शुरू कर दी। किसी तरह वह वहां से निकला और परिजनों को आपबीती सुनाई। हितेश अपने चाचा वकील सुधीर कुमार द्विवेदी, भाई आयुष के साथ दोबारा वहां पहुंचा तो हमलावरों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई जिससे अफरातफरी मच गई। मोहल्ले के लोगों ने शुभम नाम के युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी जयशंकर सिंह ने मौके से हमलावरों की कार को कब्जे में लिया और पीड़ित पक्ष से तहरीर देने की बात कही।

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