सरवन गांव के प्राथमिक विद्यालय के सस्थापंक की मनाई गई पुण्यतिथि
उन्नाव। बेवजह न दिल पर कोई बोझ भारी रखिये, जिन्दगी जंग है इस जंग को जारी रखिये। कितने दिन जिन्दा रहे इसको न गिनिए साहिब कैसे जिन्दा रहे इसकी शुमारी रखिये।
उक्त बात असोहा ब्लाक की न्याय पंचायत सरवन स्थित जनता पूर्व
माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने विद्यालय संस्थापक कृष्ण कुमार
श्रीवास्तव मुंशी की पुण्य तिथि के अवसर पर चित्र पर माल्यार्पण कर समाधि पर श्रद्धा-सुमन
अर्पित कर कही।
डॉ. आलोक ने मुंशी का स्मरण करते हुए कहा वो हम सबके दिलों में
आज भी जिन्दा है। उनके द्वारा अंकुरित विद्यालय रुपी पौधा आज वृक्ष में परिणित होकर
लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक है। बाद इसके विद्यालय की छात्राओं में
कान्ति
नाजिया सुनीता सेजल शालिनी मधु व सविता ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम को गति प्रदान की!
डॉ. संत कुमार मेमोरियल शिक्षण एवं जनकल्याण सेवा संस्थान की प्रबंधिका सुशीला देवी
व संस्था के संस्थापक डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने गरीबों में कम्बल वितरित करते हुए कहा
की कृष्ण कुमार ने गरीब, कमजोर और असहाय लोगों
की सदैव सहायता की। डॉ. आलोक ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं में नैतिक व मूल्य परक
पुस्तकें वितरित की। इसी क्रम में डॉ. संत कुमार मेमोरियल शिक्षण एवं जनकल्याण सेवा
संस्थान के संरक्षक व विद्यालय प्रबंधक डॉ. आलोक ने विद्यालय में बच्चों की बेहतर व्यवस्था
के लिए विद्यालय को गेंहू- चावल व अन्य सामग्री रखने हेतु बखारी, टंकी व अलमारी भेंट की। प्रधान अध्यापक नीरज मिश्र ने कहा हम
लोगों को हमारे संस्थापक मुंशीजी का सपना पूर्ण करके शिक्षा का स्तर उठाना है।
सहायक
शिक्षक डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा डॉ. संत कुमार मेमोरियल शिक्षण एवं जनकल्याण सेवा
संस्थान गरीबों, असहाय की सदैव मदद करते
है व बच्चों के सर्वागीण विकास कर उनका मनोबल बढ़ाता है! डॉ. सिन्हा ने कहा सफलता की
पोशाक कभी तैयार नही मिलती, इसे बनाने के लिए मेहनत
का हुनर व समर्पण का जज्बा चाहिए। शिक्षक संजीव कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हमें पूरी
निष्ठा के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देकर मुंशीजी के सपनों को मूर्ति रूप देना है। शिक्षक
दिलीप कुमार मिश्र ने प्रबंधक डॉ. आलोक श्रीवास्तव के विद्यालय व गाँव परिवार को सहयोग
को शुभ संकेत बताया।
इस क्रम में विद्यालय प्रबंध समिति सदस्य रामप्यारे यादव व
विद्यालय परिवार सदस्य सुखराम व विद्यालय को अपनी सेवाएं दे चुके विष्णु जनार्दन ने अपने विचार रखते हुए संस्थापक
के सपने व इस विद्यालय रुपी बीज को अंकुरित करने में उनकी मेहनत व लगन की चर्चा की।
इस अवसर पर डॉ. पूजा श्रीवास्तव, श्रेया श्रीवास्तव अर्णव श्रीवास्तव लक्ष्मीकांत भगवानदीन भाईलाल रामपाल राम कारन यादव राजेश रावत चुन्नीलाल विनोद आदि अभिवावक व
छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक डॉ. प्रभात सिन्हा व संजीव
श्रीवास्तव ने सभी का आभार करते हुए कार्यक्रम कें स्थगन की घोषणा की।

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