तीन स्लाटर हाउसों पर आयकर का छापा
उन्नाव। नोटबंदी के बाद सामने आई संपत्ति, कारोबार और बैंक
खातों में जमा राशि का ब्योरा न देने वालों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना
शुरू किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इसे लेकर छापेमारी शुरू की
है। औद्योगिक क्षेत्र में एक के बाद एक
तीन
स्लाटर हाउस पर छापे मारे गए। जांच टीम में दिल्ली, आगरा और कानपुर के साथ
कई जिलों के आयकर अधिकारी शामिल थे। उनके द्वारा संयुक्त रूप से यह
कार्रवाई की गई है।
औद्योगिक क्षेत्र में रोडवेज वर्कशॉप रोड पर आयकर अधिकारी
पुलिस बल के साथ बुधवार तड़के ही पहुंच गए थे। करीब तीन दर्जन से अधिक
अधिकारी अलग-अलग गाड़ियों से थे। कानपुर पुलिस को साथ लेकर अधिकारियों ने
सबसे पहले रुस्तम फूड्स प्रा. लिमिटेड को चारों ओर से घेर लिया। मुख्य
द्वार पर अधिकारी कर्मचारियों के साथ प्रवेश कर गए थे। उनके साथ पुलिस
कर्मी भी थे। अंदर से गेट को बंद करते हुए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।
यहां आयकर अधिकारी तीन टुकड़ों में बंट गए थे। अधिकारियों की एक टुकड़ी ने
स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट्स प्रा. लिमिटेड को अंदर और बाहर से
घेर लिया। वहीं तीसरी टुकड़ी ने रुस्तम से जुड़ी दूसरी फर्म को भी निशाने पर
ले लिया। स्लॉटर हाउस में छापेमारी की खबर फैलते ही आसपास के फर्म मालिकों
में हड़कंप मच गया। छापे के दौरान आयकर अधिकारियों ने जीएसटी से जुड़े
रजिस्टर को भी खंगाला। वर्ष 2016-17 के रिटर्न को जांचते हुए नोट बंदी के
दौरान फर्म के खातों में पहुंची मोटी रकम की भी जानकारी ली। जवाब स्पष्ट न
होने की सूरत में अधिकारियों ने कुछ दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया।
स्लॉटर हाउस के मालिकों के घर से लेकर अन्य ठिकानों पर भी
छापे मारे गए हैं। इस कार्रवाई में स्थानीय आयकर अधिकारियों को भी साथ नहीं
लिया गया था। न ही उन्हें इसकी भनक लगने दी गई। नाम न बताते हुए उन्होंने
कहा कि इन स्लाटर हाउस ने कुछ समय में बड़ा कारोबार किया है। नोटबंदी के समय
भी टर्नओवर अधिक रहा है। इन सब ¨बदुओं की जांच की जा रही है। इसके अलावा
आगे भी ऐसे छापे मारे जाने के संकेत उनके द्वारा दिए गए हैं। 20 जनवरी के
बाद यह कार्रवाई देखी जा सकेगी। हालांकि, अधिकारी पूरी जांच में मीडिया के
सवालों से बचते रहे।

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