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जांच की आंच उन्नाव तक पहुची, ई डी का छापा

उन्नाव। कई बैंकों के करोड़ों का कर्ज अदा न करने से ईडी व सीबीआई के चंगुल में फंसे कारोबारी विक्रम कोठारी के साझीदारों पर भी अब कार्रवाई शुरू हो गई है। ईडी ने इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी के तहत सोमवार शाम दही चौकी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में तीन साल से बंद पड़ी मोहन स्टील फैक्ट्री को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आठ सदस्यीय टीम ने कब्जे में लिया है। अधिकारी निजी सुरक्षा कर्मियों के मोबाइल जब्त कर फैक्ट्री का चप्पा-चप्पा 
खंगालने लगे। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन के कागजी अभिलेख कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू की, जो देर रात तक जारी रही। ईडी की छापेमारी से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा है। हालांकि छापेमारी के मकसद पर अधिकृत तौर पर इस मामले में कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।

 शहर कोतवाली के दही चौकी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में मोहन स्टील फैक्ट्री है। जहां लोहे की सरिया का निर्माण होता है। फैक्ट्री की दो ईकाइयों में करीब दस साल से उत्पादन ठप है, जबकि कंपनी के रोलिंग इकाई में उत्पादन कार्य सन् 2015 तक होता रहा है। इस  तरह करीब तीन साल से फैक्ट्री पूरी तरह बंद पड़ी है। सूत्रों की मानें तो इस दौरान बैंकों के करोड़ों कर्ज अदा न करने के मामले में फंसे कानपुर के बड़े कारोबारी विक्रम कोठारी मोहन स्टील फैक्ट्री मालिक मोहन कजारिया के व्यवसायिक साझीदार भी बने। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विक्रम कोठारी के कानपुर स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी कर बैंक घालमेल का सच जानने में जुट गई है।
सूत्रों की मानें तो जांच में मोहन कजारिया व विक्रम कोठारी के व्यापारिक रिश्ते सामने आए। इसके बाद ईडी ने मोहन कजारिया पर भी शिकंजा कसा है। इसी के तहत सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे पांच सदस्यीय प्रवर्तन निदेशालय टीम ने मोहन स्टील को कब्जे में ले लिया। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों ने  फैक्ट्री में प्रवेश करते ही निजी सुरक्षा कर्मियों में अफरा तफरी मच गई। इस दौरान एक गार्ड ने फैक्ट्री मैनेजर के मोबाइल फोन पर सूचना देने की कोशिश की तो अधिकारियों ने सभी गार्डों के मोबाइल कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इनसे यहां कब से तैनात हैं व कब से कंपनी नहीं चल रही है। इस बारे में पूछा। इसके बाद अधिकारियों ने फैक्ट्री के स्ट्रांगरूम व कंप्यूटर कक्ष को कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने फाइलों की सघन जांच शुरू कर दी। रात करीब 8 बजे एक कार से तीन और अधिकारी पहुंचे। देर रात तक अधिकारी कागजों की पड़ताल में जुटे रहे। सूत्रों की मानें तो बैकिंग लेनदेन व उत्पादन बिक्री जांच टीम का फोकस है।

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