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शौचालय के नाम चल रही उगाही

उन्नाव। स्वच्छ भारत मिशन की ब्लाक स्तरीय टीम ने शनिवार को बांगरमऊ ब्लाक के ओडीएफ घोषित गांव भिखारीपुर पतसिया की हकीकत परखी। जिसमें गांव में शौचालय तो आधे अधूरे मिले ही पक्षपात के चलते शौचालय न मिलने का भी ग्रामीणों ने आरोप लगाया। ग्रामीणों ने शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई करने का आरोप जांच के लिए पहुंची टीम पर लगे। पूर्व में जांच टीम द्वारा मानक विहीन बने जिन शौचालयों को गिरवाया था उनमें दो का निर्माण अभी तक पुरा नहीं मिला।
पूर्व में लोहिया समग्र गांव में चयनित रह चुके भिखारीपुर पतसिया को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ गांव घोषित करने की रिपोर्ट ब्लाक को दी गई थी। जिसमें लगभग 1300 शौचालयों का निर्माण कराने का दावा किया गया था। ओडीएफ के मानकों की कसौटी को परखने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने गंगा एक्सन प्लान की एक टीम के साथ गांव का निरीक्षण कर हकीकत देखी। गांव रतईपुरवा में जांच कर रहे टीम के सदस्य केके तिवारी ने बताया कि जिम्मेदारों द्वारा शौचालय निर्माण में काफी अनिमितताएं बरती गई हैं। लगभग 200 शौचालयों में कमिया हैं। कई के गड्ढे आदि में लापरवाही मिली। वहीं गांव भुड्डा में जांच कर रहे अधिकारी कौशल किशोर द्वारा बताया गया कि पूर्व बीडीओ के नेतृत्व में सीएलटीसी टीम ने निरीक्षण किया था उस समय कुछ शौचालयों को गिरवा दिया गया था। काफी समय बीत जाने के बाद गिराये गए शौचालयों में से रामलखन, सूबेदार आदि का शौचालय अभी तक नहीं बनवाया गया है। वही महादेव पुत्र धनीराम का शौचालय बिना सीट, प्लास्टर व गड्ढे के अपूर्ण पाया गया है। वार्ड एक के सदस्य शिवनायक ¨सह द्वारा आरोप लगाया गया कि जांच अधिकारी गिरीशचंद्र द्वारा प्रधान पक्ष के बचाव में जांच की गई है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। तथा गांव रतईपुरवा निवासी मेवालाल, नन्ही व मुरारी दास आदि सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि उनसे शौचालय के नाम पर रुपये मांगे गए है, तथा कुंशी निवासी रामबिलास पुत्र सुब्बा ने बताया कि उनसे शौचालय के नाम उगाही की गई है।

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