पीएनबी के कंप्यूटर में खुद ही लॉग इन करते थे नीरव मोदी के कर्मचारी
डेस्क - भारत
के सबसे बड़े बैंक घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रहे हैं, भ्रष्टाचार और मिलीभगत से हुई इस लूट में पीएनबी के गड़बड़ सिस्टम का भी खुलासा हो रहा है। अब
सीबीआई को यह संकेत मिला है कि पैसों के लालच में पीएनबी के भ्रष्ट अफसर
इस तरह से बिक चुके हैं कि वे समय-समय पर नीरव मोदी के कर्मचारियों को अपने
कंप्यूटर ही सौंप देते थे और नीरव के कर्मचारी खुद ही लॉग-इन करते थे। इस घोटाले में पीएनबी के डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़ के पहले से ही अंदेशा था।
लगभग 11,400 करोड़ रुपये के इस घोटाले में पीएनबी के अधिकारियों पर यह सवाल पहले ही था कि वे बिना ड्यू डिलीजेंस यानी जांच-जांच के बिना नीरव मोदी के कंपनियों को लोन कैसे दिया। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक, 'सीबीआई के अधिकारियों ने निंदा की है कि पीएनबी के कर्मचारियों ने खुलासा किया कि नीरव मोदी की टीम को पीएनबी के कंप्यूटर सिस्टम तक गैर-अधिकृत रूप से पहुंचा दिया गया।'
पीएनबी के अधिकारियों को नीरव मोदी की कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग देने के लिए अच्छा कमिशन मिल गया और इस कमीशन की लालच में ही उन्होंने यह सब किया
पिछले हफ्ते सीबीआई ने पीएनबी लोन के सिलसिले में एक रिटायर्ड और एक कार्यरत कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही पीएनबी के मुंबई में ब्रैडी रोड की शाखा में भी जांच की गई थी, जहां से इस घोटाले को अंजाम दिया गया है।
SWIFT में खुद ही लॉग-इन करते थे नीरव के कर्मचारी
अखबार के अनुसार पूछताछ के दौरान बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि नीरव मोदी की कंपनी को वो लोग अपना पासवर्ड देते हैं, जिससे नीरोव के कर्मचारी स्विफ्ट में लॉग-इन कर लेते हैं। उसके बाद नीरव के कर्मचारी जाली SWIFT मैसेज स्वयं ही भेजते थे आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि इस घटना में पीएनबी का 5-6 और कर्मचारी शामिल थे कर्मचारियों को जो कमशन की रकम मिलती है, उन्हें वे आपस में बांट लेते हैं.
लगभग 11,400 करोड़ रुपये के इस घोटाले में पीएनबी के अधिकारियों पर यह सवाल पहले ही था कि वे बिना ड्यू डिलीजेंस यानी जांच-जांच के बिना नीरव मोदी के कंपनियों को लोन कैसे दिया। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक, 'सीबीआई के अधिकारियों ने निंदा की है कि पीएनबी के कर्मचारियों ने खुलासा किया कि नीरव मोदी की टीम को पीएनबी के कंप्यूटर सिस्टम तक गैर-अधिकृत रूप से पहुंचा दिया गया।'
पीएनबी के अधिकारियों को नीरव मोदी की कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग देने के लिए अच्छा कमिशन मिल गया और इस कमीशन की लालच में ही उन्होंने यह सब किया
पिछले हफ्ते सीबीआई ने पीएनबी लोन के सिलसिले में एक रिटायर्ड और एक कार्यरत कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही पीएनबी के मुंबई में ब्रैडी रोड की शाखा में भी जांच की गई थी, जहां से इस घोटाले को अंजाम दिया गया है।
SWIFT में खुद ही लॉग-इन करते थे नीरव के कर्मचारी
अखबार के अनुसार पूछताछ के दौरान बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि नीरव मोदी की कंपनी को वो लोग अपना पासवर्ड देते हैं, जिससे नीरोव के कर्मचारी स्विफ्ट में लॉग-इन कर लेते हैं। उसके बाद नीरव के कर्मचारी जाली SWIFT मैसेज स्वयं ही भेजते थे आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि इस घटना में पीएनबी का 5-6 और कर्मचारी शामिल थे कर्मचारियों को जो कमशन की रकम मिलती है, उन्हें वे आपस में बांट लेते हैं.

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