लागत से डेढ़ गुना सरकारी खरीद का लाभ इस सीजन में अन्नदाताओं को मिलना मुस्किल
उन्नाव। केंद्र
सरकार के बजट में किसानों के लिए लागत मूल्य से डेढ़ गुना
पर सरकारी खरीद
करने की घोषणा का लाभ फिलहाल इस सीजन में अन्नदाता को नहीं मिलेगा। एक
अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए सरकार ने 1735 रुपये रुपये प्रति
क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। यह पिछले सीजन से महज
110 रुपये ज्यादा है।
1 फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से आम बजट पेश किया गया था। इसमें सरकार ने उपज को लागत मूल्य से डेढ़ गुना ज्यादा का समर्थन मूल्य देकर खरीदने की घोषणा की थी। किसान गेहूं खरीद सीजन से ही इसका लाभ मिलने की उम्मीद लगाए थे। इन्हें सरकार ने झटका दे दिया है। इस बार 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। सरकार ने खरीद के लिए समर्थन मूल्य 1735 रुपये घोषित किया है। पिछले सीजन में सरकार ने 1625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा था। इस सीजन में महज 110 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। समर्थन मूल्य की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार 55 केंद्र खोले जाएंगे। जिला खाद्य विपणन विभाग की ओर से केंद्र खोलने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया है।
242865 हेक्टेयर में बोया गया है गेहूं जनपद में इस बार 242865 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया है। कृषि विभाग ने 777 मीट्रिक टन के आसपास गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है। समय से पहले भीषण गर्मी और तेज धूप से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल झुलसने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
पिछले पांच साल में गेहूं खरीद रही धड़ाम
पिछले सीजन में जनपद को 72500 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 40026 एमटी गेहूं खरीद हो सकी थी। वर्ष 2013 में भी गेहूं खरीद धड़ाम रही थी। 69 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य पर 2404.26 मीट्रिक टन ही खरीद हुई थी। यह कुल लक्ष्य का मात्र 3.48 फीसदी रहा था। वर्ष 2014 में
जनपद में सबसे कम गेहूं खरीद हुई। इस साल 51700 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 30 जून तक चली खरीद में कांटा 1308.42 मीट्रिक टन पर ही अटक गया था। मात्र 2.53 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका था। वर्ष 2015 में खरीद का लक्ष्य 35 हजार एमटी का था। खरीद 8261 एमटी ही हो सकी थी। वर्ष 2016 में 55000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष महज 4450 एमटी यानी लक्ष्य का 4 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका था। सूत्रों के अनुसार सरकारी खरीद एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। इस बार समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके लिए केंद्र खोलने की
तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
1 फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से आम बजट पेश किया गया था। इसमें सरकार ने उपज को लागत मूल्य से डेढ़ गुना ज्यादा का समर्थन मूल्य देकर खरीदने की घोषणा की थी। किसान गेहूं खरीद सीजन से ही इसका लाभ मिलने की उम्मीद लगाए थे। इन्हें सरकार ने झटका दे दिया है। इस बार 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। सरकार ने खरीद के लिए समर्थन मूल्य 1735 रुपये घोषित किया है। पिछले सीजन में सरकार ने 1625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा था। इस सीजन में महज 110 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। समर्थन मूल्य की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने खरीद की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार 55 केंद्र खोले जाएंगे। जिला खाद्य विपणन विभाग की ओर से केंद्र खोलने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया है।
242865 हेक्टेयर में बोया गया है गेहूं जनपद में इस बार 242865 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया है। कृषि विभाग ने 777 मीट्रिक टन के आसपास गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है। समय से पहले भीषण गर्मी और तेज धूप से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल झुलसने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
पिछले पांच साल में गेहूं खरीद रही धड़ाम
पिछले सीजन में जनपद को 72500 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 40026 एमटी गेहूं खरीद हो सकी थी। वर्ष 2013 में भी गेहूं खरीद धड़ाम रही थी। 69 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य पर 2404.26 मीट्रिक टन ही खरीद हुई थी। यह कुल लक्ष्य का मात्र 3.48 फीसदी रहा था। वर्ष 2014 में
जनपद में सबसे कम गेहूं खरीद हुई। इस साल 51700 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 30 जून तक चली खरीद में कांटा 1308.42 मीट्रिक टन पर ही अटक गया था। मात्र 2.53 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका था। वर्ष 2015 में खरीद का लक्ष्य 35 हजार एमटी का था। खरीद 8261 एमटी ही हो सकी थी। वर्ष 2016 में 55000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष महज 4450 एमटी यानी लक्ष्य का 4 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सका था। सूत्रों के अनुसार सरकारी खरीद एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होगी। इस बार समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके लिए केंद्र खोलने की
तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

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