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बाजार के सामान में जमकर हो रही मिलावट, बरतनी होगी सावधानी

उन्नाव। होली के उल्लास को मिलावटखोर फीका कर सकते हैं। त्योहार में खाने  पीने का बंदोबस्त करने में लोगों को सावधानी बरतनी होगी। होली में सबसे ज्यादा खपत रिफाइंड, वनस्पति आयल, सरसों के तेल की होती है। इससे इनके कारोबारी भी मिलावटी धंधे में सक्रिय हैं। औसतन 15 रुपये
प्रति किलो का लाभ मिलावट से होता है। इस लालच में दुकानदार सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में त्योहार की खाद्य सामग्री बनाने वाले भी मिलावटी तेलों से इनका निर्माण कर बिक्री कर रहे हैं। होली हो या दीपावली इन त्योहारों का साल भर लोगों को इंतजार रहता है। त्योहार से पहले ही उसकी तैयारी शुरू हो जाती। होली पर मेहमान नवाजी का
दस्तूर है। घरों में इसकी तैयारी भी त्योहार से हफ्तों पहले शुरू हो  जाती। व्यस्त जीवनशैली के चलते अब घरों में पकवान बनाने के बजाय रेडीमेड खाद्य सामग्री लाना स्टेट्स सिंबल बन गया। इससे बाजार में रेडीमेट खाद्य सामग्री नमकीन, पापड़, चिप्स, गुझिया से लेकर तमाम तरह की चीजें 10-15 दिन पहले ही तैयार हो जाती हैं। ऐसा ही कुछ घरों में भी किया जाता है।  त्योहार पर होने वाली कमाई के चक्कर में सबसे अधिक घातक मिलावट खाद्य तेलों में की जा रही। कम लागत में अधिक कमाई के फेर में दुकानदार अधिकतर चिप्स, पापड़, दालमोट, मिनी समोसा आदि खाद्य सामग्री इन्हीं घटिया और मिलावटी खाद्य तेलों से तैयार करते हैं। बाजार में रेडीमेड खाद्य पदार्थ
नमकीन, दालमोट, गुझिया, पापड़, समोसे आदि तैयार मिल रहे हैं। इन खाद्य  पदार्थो को तैयार करने में प्रयोग होने वाला तेल या रिफाइंड सब की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए मुनाफाखोर कमाई में जुट जाते हैं। बाजार में धड़ल्ले से होता है मिलावट का खेल  थोक बाजार में चावल की भूसी से तैयार होने वाला राइस ब्रान ऑयल थोक मार्केट में 55 से 60 रुपये प्रति लीटर में मिलता है। जबकि सुपर पाम आयल 60 से 65 रुपये प्रति लीटर में मिलता है। इसके अलावा आरजीमोन (भटकटैया के बीज) का पाम आयल जो कि 50 से 55 रुपये लीटर में बिकता है को सरसों के तेल
में मिलाया जाता है। सरसों का तेल फुटकर बाजार में 85 से 95 रुपये प्रति  लीटर बिकता है। जबकि सीलबंद ब्रांडेड कंपनियों का सरसों का तेल 110 से 115 रुपये किलो में मिलता है। एक लीटर पर 15 से 20 रुपया का लाभ नजर आने से अधिकतर लोग खुला तेल ही खरीदते हैं। मिलावटी सरसों के तेल में महक और उसकी तेजी के लिए एसेंस के साथ ही वटर यलो कलर मिला दिया जाता है। इस तरह
मिलावटी तेल बेचकर मिलावटखोर प्रति लीटर सरसों के तेल में 15 से 20 रुपया की कमाई कर रहे हैं। रिफाइंड तेल में पामोलिन की मिलावट की जा रही है। 
मिलावटी तेल का प्रयोग यानी स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ 
विशेषज्ञ डॉ. अनवर सईद ने बताया कि पाम ऑयल में तमाम वह तत्व मिले होते  हैं जो सेहत के लिए हानिकारक हैं। आरजीमोन, एसेंस और सिंथेटिक रंग की  मिलावट से सबसे अधिक किडनी पर असर पड़ता है। इससे किडनी खाराब हो जाती है। साथ ही आंतों व लीवर को नुकसान पहुंचता है।  

ऐसे करें मिलावटी आयल की पहचान
आयल की खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सरसों के तेल की  मिलावट को पहचानने के लिए तेल को सूंघने पर नाक में जलन पैदा करने वाली झार आएगी। वहीं इस तेल का रंग गाढ़ा पीला होगा। रिफाइंड और अन्य वनस्पति आयलों में अगर पाम आयल मिला है तो वह काफी गाढ़ा होगा। वहीं मिलावट के धंधे से बेसन भी अछूता नहीं है। त्योहार में दालमोट आदि नमकीन बेसन से ही तैयार होता है इससे इसकी भारी खपत होती है। बेसन भी मिलावट से अछूता नहीं है। बेसन में मटर और चावल की कनकी मिलाई जाती है। जिस बेसन में मटर मिला
होता है वह ज्यादा पीला होता है इससे उसमें चावल की कनकी पिसवा दी जाती
है।

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