युवक की मौत के बाद फिर स्वास्थ्य विभाग चर्चा में
उन्नाव। डीएम द्वारा जिला अस्पताल की करतूतों से पर्दा उठाए जाने के कुछ दिन बाद ही एक ऐसा मामला सामने आया जिससे स्वास्थ्य विभाग फिर चर्चा में आ गया। तीन दिन पहले जिला
अस्पताल की स्प्रिट पीने से एक
युवक की मौत हो गई, वहीं चचेरे भाई की हालत गंभीर है। जिस युवक के सामने स्प्रिट खरीदी गई, उसने पुलिस के सामने सारी परतें खोलकर रख
दीं। अस्पताल से स्प्रिट बिक्री के खुलासे के बाद
स्वास्थ्य अमले में खलबली मची है।
पुलिस ने जिला
अस्पताल के अज्ञात स्टोर संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
कोतवाली क्षेत्र
के हरौनी शमसुद्दीनपुर निवासी मिथलेश (35)
पुत्र अंगनू की शुक्रवार भोर पहर 5 बजे मौत हो गई, जबकि उसके चचेरे भाई हजारी (40) पुत्र पग्गन की हालत गंभीर है। चचेरे भाई के अनुसार शुक्रवार शाम वह मिथिलेश से बीड़ी मांगने पहुंचा। पहले
दोनों ने तंबाकू खाई। फिर मिथिलेश ने
कच्ची पीने की बात
कही। उसने कहा कि बहुत अच्छी कच्ची लाया हूं और आधा गिलास पानी में मिलाकर दे दी और खुद भी पी। इसके बाद वह घर आ गया। कुछ देर बाद उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। उधर
मिथिलेश के पेट में भी रात में
दर्द शुरू हुआ और
वह तड़पने लगा। परिजनों के अनुसार वह बार-बार पानी मांग रहा था। तड़के पांच बजे करीब उसकी मौत हो गई। इस मामले में एसपी पुष्पांजलि ने कहा कि मृतक के घर
वालों ने ही स्प्रिट की बोतल घर से लाकर दी है, उन्होंने
ही मिथिलेश के इसी स्प्रिट को पीने
की बात भी कही है। गांव के ही विनोद ने पुलिस को बताया है कि मिथिलेश ने
उसके सामने जिला अस्पताल स्प्रिट खरीदी थी। जो बोतल स्प्रिट की मिली है, उसमें
जिला अस्पताल का लेबल भी लगा है। कच्ची शराब पीने से मौत होने जैसे कोई
मामला नहीं है। बल्कि प्रथम दृ ष्टया युवक की मौत स्प्रिट पीने से होने की बात
सामने आई है। स्प्रिट उन लोगों को कैसे मिली, इसकी जांच कराई जा रही है।

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