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यूपीएसआइडीसी को शासन से मिली बड़ी राहत

कानपुर। उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) को शासन से बड़ी राहत मिल गई है। निगम को गंगा बैराज पर बसाई जा रही ट्रांसगंगा हाईटेक में नक्शा पास करने का अधिकार मिल गया है।
मंगलवार को औद्योगिक विकास विभाग द्वारा अधिसूचना संबंधी शासनादेश जारी कर दिया गया। नक्शा पास करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अधिसूचना न होने की वजह से ही पिछले कई महीनों से नक्शा पास करने की प्रक्रिया अटकी पड़ी थी। 
यहां पास कराना होता है नक्शा
ट्रांसगंगा सिटी उन्नाव जिले में आती है। अगर अधिसूचना जारी नहीं होती तो फिर उद्यमियों को उन्नाव- शुक्लागंज विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराना पड़ता। इससे आवंटियों को अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ती। 
भू उपयोग परिवर्तन का अधिकार
अब उद्यमी भू उपयोग परिवर्तन, परियोजना परिवर्तन, भूखंडों का उप विभाजन आदि कार्य यूपीएसआइडीसी से करा सकें। दो या उससे अधिक भूखंडों को आपस में जोड़ने का अधिकार भी यूपीएसआइडीसी को मिल गया है। भविष्य में जब भी जरूरत होगी उद्यमी ये कार्य करा सकेंगे।

अब हाइटेक सिटी का लेआउट बदलेगा
अधिसूचना जारी होने के बाद यूपीएसआइडीसी प्रबंधन अब ट्रांसगंगा हाइटेक सिटी का लेआउट बदलेगा। ऐसा करके पार्क, ग्रीन बेल्ट व अन्य सुविधाओं के लिए छोड़ी गई भूमि का क्षेत्रफल कम किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक और कार्मशियल जोन का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे भूमि की दर कम होगी। अभी औद्योगिक भूखंड की दर 10850 रुपये और कामर्शियल भूखंड की दर 21 हजार रुपये से अधिक है।

मंधना को औद्योगिक क्षेत्र की मान्यता
मंधना में औद्योगिक क्षेत्र बसाने की दिशा में निगम एक कदम और आगे बढ़ा है। शासन ने भवानीपुर समेत आठ गांवों की 924.934 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक प्रयोग के लिए मान्यता दे दी। अधिसूचना जारी हो गई है। अब किसानों से भूमि ली जाएगी।

इन गांवों की भूमि ली गई
भवानीपुर, शादीपुर, बिरतियान बिठूर, बहलोलपुर, बगदौधी बांगर, कुकरादेव, पेम व पचोर गांव की भूमि औद्योगिक क्षेत्र के लिए ली गई है। इसे यूपीएसआइडीसी के पक्ष में अब औद्योगिक उपयोग के लिए अधिसूचित किया गया है।


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