होलिका दहन को लेकर नगर पालिका ने ढुलमुल रवैया बनाया
उन्नाव। होलिका दहन के बाद उन जगहों पर सड़क के टूटने व
उखड़ने के अंदेशे को देखते हुए नपा प्रशासन ने वहां पर ईंट या बालू आदि बिछाने के
दावे किए थे, जिससे तेज आग की चपेट में आने से सड़कों पर इसका असर न पड़े।
लेकिन त्योहार के नजदीक आते-आते यह दावे पूरी तरह से फेल साबित हुए और शहर के दो
सौ जगहों पर बिना सड़क सुरक्षा के इंतजाम के ही होलिका दहन किया गया। इससे अब
होलिका दहन के बाद उन स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब होना तय है।
शहर भर में करीब दो सैकड़ा स्थानों पर होलिका जलाई गईं। बिना
किसी सुरक्षा इंतजाम के ही होलिका दहन से उस स्थान पर सड़कों को घाव मिलना तय है।
रोड चाहे डामर की हो या इंटरलाकिंग हो सभी जगह तेज आग से नुकसान होता ही है।
इससे सड़क को बचाने के लिए जो प्रबंध होने चाहिए थे वह दावों
के बाद भी नगर पालिका ने नहीं किए। यहां तक पालिका की ओर से होलिका लगाए जाने वाले
स्थानों पर लोगों को कोई सूचना भी नहीं दी कि वह लोग खुद ही इसे देखते हुए कोई
इंतजाम कर लेते। इससे होलिका दहन की आग की मार से अब इन रास्तों पर लोगों को
गड्ढों की मार झेलनी ही होगी। हालांकि नगर पालिका अधिकारियों की ओर से इसे लेकर
दावे खूब किए गए कि वह होलिका दहन के सभी स्थानों पर सड़क सुरक्षा के इंतजाम
करवाएंगे, लेकिन
वह दावे सिफर ही रह गए और सभी जगह पर बिना किसी इंतजाम के ही होलिका जलाई गई। इस
बारे में नगर पालिका के जिम्मेदारों ने कहा कि जब तक इसके आदेश दिए गए तब तक सभी
जगहों पर होलिका लगाई जा चुकी थी।

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