आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ के बहुरेंगे दिन, मिलेगा स्मार्टफोन
हरदोई। आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओ दिन बहुरने वाले हैं। सब कुछ सही रहा तो उनके हाथ में जल्द ही स्मार्ट फोन नजर आएगा। शासन ने मानदेय वृद्धि के
लिए कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर भले ही ध्यान न दिया हो, लेकिन कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन के संचालन का प्रशिक्षण दिए जाने के लिए
सभी बाल विकास परियोजनाओं में एक-एक समन्वयक की तैनाती की है। आउटसोर्सिंग के
माध्यम से तैनात किए गए समन्वयक जिले में योगदान के लिए पहुंचने लगे हैं।
बाल विकास सेवा
एवं पुष्टाहार विभाग के माध्यम से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात
कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन लेने होंगे। निदेशालय ने स्मार्ट फोन के संचालन के
प्रशिक्षण के संबंध में बड़ा निर्णय लिया है और सभी बाल विकास परियोजनाओं में
संविदा के आधार पर एक-एक समन्वयक की तैनाती की व्यवस्था दी है। निदेशालय स्तर से
चयनित लखनऊ की एसपीजी सर्विसेस की ओर से जिले में 20 बाल विकास
परियोजनाओं में से अब तक 17 में समन्वयक की तैनाती की जा चुकी है। जिला कार्यक्रम
अधिकारी एसके त्रिपाठी की माने तो अभी बावन, हरियावां एवं
मल्लावां में तैनाती नहीं हुई है। जबकि 17 ने योगदान किया
है। यह लोग सीडीपीओ के निर्देशन में कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन चलाना सिखाएंगे।
लखनऊ की पीएसजी सर्विसेस को सौपी गई है जिम्मेदारी : बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार
निदेशालय की ओर से प्रदेश की सभी बाल विकास परियोजनाओं में आउटसोर्सिंग के माध्यम
से संविदा पर समन्वयक की तैनाती की जिम्मेदारी लखनऊ की फर्म पीएसजी सर्विसेस को
सौंपी गई है। पीएसजी की ओर से जारी संविदा नियुक्ति में परियोजना का आवंटन भी वहीं
से किया जा रहा है और मानदेय कितना और कैसे दिया जाएगा इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं
है। डीपीओ एसके त्रिपाठी का कहना है कि एसपीजी की ओर से जारी पत्र लाने वालों को
योगदान कराया जा रहा है।

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