Ad

style="width:640px;height:100px;" alt="ads" /> ads

Breaking News

जनपद में क्रिकेट स्टेडियम का टूटा सपना


-स्टेडियम को लेकर खरीदी गई जनपद में जमीन बिकी
उन्नाव। कभी जनपद में राष्ट स्तर के स्टेडियम बनने का सपना देखने वाले यूवाओ का सपना क्रिकेट बोर्ड के चलते टूट चुका है। बताते चलें कि एक दशक से भी पहले सन् 2005-06 में उन्नाव में क्रिकेट स्टेडियम के लिए खरीदी गई 30 एकड़ जमीन को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने 55 से 60 करोड़ में बेच दी है। जमीन को लखनऊ के बड़े बिल्डर ने खरीदा है। यूपीसीए डायरेक्टर ने इस सौदे की पुष्टि की है। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के तत्कालीन सचिव ज्योति वाजपेयी के  प्रयास से उन्नाव हाईवे पर सोमानी स्टील के पास एसोसिएशन का स्टेडियम बनाने के लिए जमीन खरीदी गई थी। तब तय हुआ था कि उन्नाव में स्टेडियम बनने से लखनऊ और कानपुर दोनों को फायदा होगा। साथ ही उन्नाव का भी कायाकल्प हो जाएगा।
इस फैसले के कुछ दिनों बाद सरकार और यूपीसीए के बीच ग्रीनपार्क स्टेडियम के एमओयू (आम सहमति पत्र) को लेकर बातचीत होने लगी लेकिन तत्कालीन मायावती सरकार में मामला एमओयू साइन नहीं होन से परवान पर न चढ़ सका। इधर, एमओयू के झंझट में फंसा एसोसिएशन उन्नाव के प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दे सका। कुछ समय बाद कवायद आगे बढ़ी तो पता चला कि उन्नाव में जमीन के करीब से गुजरी रेलवे लाइन, पास में बह रही नहर और अन्य कारण यहां स्टेडियम बनाने में बड़ी अड़चन हैं। इस कारण इसकी प्रगति रोक दी गई। फिर यूपीसीए ने गाजियाबाद में स्टेडियम के लिए जमीन खरीदनी शुरू कर दी।
पिछले महीने यूपीसीए डायरेक्टर राजीव शुक्ला और अन्य सदस्यों ने गाजियाबाद में वर्किंग कमेटी की बैठक में स्टेडियम की घोषणा की थी। कहा था कि गाजियाबाद में टॉप लेवल का स्टेडियम बनाया जाएगा। तभी तय हो गया था कि उन्नाव की 30 एकड़ जमीन को बेचा जाएगा। दस दिन पहले इसका सौदा पक्का हो गया था। इस काम में डायरेक्टर एसकेअग्रवाल को लगाया गया था। यूपी किसान एसोसिएट्स प्रा. लि. की मदद से जमीन बिल्डर को बेच दी गई। यूपीसीए के एक डायरेक्टर एसके अग्रवाल ने बताया कि जमीन बेचने से जो धनराशि आई है उसे क्रिकेट के विकास में खर्च किया जाएगा।

No comments