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बलात्कार की घटना को मौरावा पुलिस ने दर्ज किया मामूली विवाद



.....रिपोर्ट- रत्नम चौरसिया
पुरवा/उन्नाव। गरीबों का मसीहा कहलाने का दंभ भरने वाली प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस लगातार अपनी दमनकारी नीतियों के बल पर चर्चा में है। मामला एक महिला के साथ बलात्कार का है जिसे स्थानीय पुलिस ने मात्र कहासुनी व गाली-गलौज में दर्ज कर घटना को दबाने का कार्य किया है। पीड़ित परिवार दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर है।
 प्राप्त विवरण के अनुसार मौरावा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सराय मुबारक मजरा खानपुर का है। पीड़िता गीता  (काल्पनिक नाम) बृहस्पतिवार को सुबह शौच क्रिया हेतु खेतों की ओर गयी थी। पीड़िता के अनुसार वहां पहले से उपस्थित गांव के ही दीपक पुत्र बढक्के लोहार आ गया और जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता जब तक कुछ समझ पाती उसके पूर्व ही आरोपी युवक ने उसे दबोच लिया और बलात्कार करके भाग गया। पीड़िता किसी तरह घर पहुंचकर अपने पति व परिवार वालों को घटना के बारे में बताया। पीड़िता का पति धर्मू पुत्र भीखा गोडिया ने मौरावा थाने जाकर पूरी घटना बतायी। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने सही मामला दर्ज करने के बजाय कहासुनी व मारपीट में एनसीआर दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया गया। पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना को मीडिया के सम्मुख रखा और उच्चाधिकारियों की चौखट तक जाने की बात कही। पीड़िता शुक्रवार को सीओ कार्यालय के बाहर प्रार्थना पत्र देने के लिए बैठी रही किन्तु पीड़िता के अनुसार क्षेत्राधिकारी नहीं मिले।
विडम्बना यह है कि प्रदेश की पुलिस आखिर जिम्मेदारियों से  क्यों विमुख हो रही है? क्षेत्र व प्रदेश में लगातार दबंगो का कहर आम नागरिकों पर जारी है। ऐसे में शासन व प्रशासन की नीति व नियति में संदेह होना लाजिमी है।

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