स्विस बैंक मे अमीरों का धन बढ़ना गरीबों, किसानों व बेरोजगारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसाः मायावती
डेस्क। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कालेधन के खिलाफ मोदी सरकार के वादे को याद दिलाते हुए स्विस बैंक में भारतीय पूंजीपतियों के 50 फीसदी बढ़े हुए धन पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति भारतीय बैंकों से कर्ज लेते हैं। अपने व्यापार में लगाते हैं फिर उसे स्विस बैंक में जमा करते हैं। आखिर काले धन को विदेशों से वापस लाने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर चुप क्यों हैं एक ऐसे वक्त में जब भारतीय मुद्रा का अवमूल्यन हुआ है। स्विस बैंक में भारतीय अमीरों का 50 फीसदी धन बढ़ना गरीबों किसानों व बेरोजगारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
बसपा सुप्रीमो ने जारी किए गए अपने बयान में भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में पिछले चार वर्षों में अमीर और अमीर जबकि गरीब बदहाल हुए हैं क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार बड़े-बड़े पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। मायावती ने 2019 के चुनाव के लिए देश भर में बन रहे भाजपा विरोधी मोर्चे पर कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो इसमें भाजपा को दिक्कत क्यों हो रही है। ये भाजपा की घोर जातिवादी और जनविरोधी सोच को दर्शाता है। मायावती ने अमेरिका में भारतीयों के हो रहे शोषण पर केंद्र सरकार की खामोशी को विफलता करार दिया है और कहा कि भारतीय पासपोर्ट धारकों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए
मायावती ने कहा कि देश में जीएसटी लागू होने का एक साल हो चुका है। ऐसे में केंद्र सरकार को ईमानदारी से इसका मूल्यांकन करते हुए और जो भी इसमें दिक्कत आती है उसे दूर कर व्यापारियों की मदद करनी चाहिए

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