ग्राम पंचायत की बिना जांच किये गांवों को आलाधिकारीयों ने किया आवास विहीन
चकलवंशी/उन्नाव। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत सरकार गरीब असहाय तथा छत विहीन लोगो को आवास देने की बात कर रही है। वहीं दूसरी तरफ ब्लाक मियाँगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत परेंदा एवं सरौहां में 2015 से लेकर अब तक एक भी आवास नहीं मिला है। कुछ घरों की हालत ऐसी है कि इस बरसात के मौसम में कच्चे मकानों में जीवन यापन करने वाले लोगों पर कभी भी कोई बड़ी आपदा आ सकती है। जिससे मुह नहीं मोड़ा जा सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत परेंदा एवं सरौहां में लगभग तीन सालों में प्रधान रीना सिंह एवं सुरजन सिंह के अथक प्रयासों के बावजूद वहां पर सरकार द्वारा आज तक एक भी आवास नहीं दिया गया है। परेंदा प्रधान पति संजय सिंह एवं सरौहां प्रधान सुरजन सिंह ने बताया कि हमने शासन प्रशासन का कई बार दरवाजा खटखटाया परन्तु लाख कोशिशों के बाद भी आज तक कोई सफलता नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि 2011 की सेक सूची में इस ग्राम पंचायतों में बिना किसी जांच किये गांवों को आलाधिकारीयों ने आवास विहीन कर दिया परन्तु सत्यता यह है कि इन ग्राम पंचायतों में लगभग 80%जनता गरीब और असहाय है। जिसके पास न तो सर के ऊपर छत है और न ही जीवन यापन करने हेतु खेती है। ऐसी स्थिति में अगर कोई बड़ा हादसा होता है। तो किस को जिम्मेदार ठहराया जाएगा ।
...रिपोर्ट - सनी सिंह। (चकलवंशी उन्नाव)

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