उपाध्याय सहित पांच लोगों पर स्टाप डेम निर्माण में घोटाले को लेकर,मामला दर्ज
टीकमगढ़। जनपद पृथ्वीपुर सीईओ अखिलेश उपाध्याय सहित पांच लोगों पर स्टाप डेम निर्माण में घोटाले को लेकर,मामला दर्ज करने का आदेश प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निवाड़ी ने दिया है जिसमें जनपद सीईओ सहित कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा किशोरीलाल वर्मा राजीव पाटोदिया सहायक लेखा अधिकारी शोभाराम कुशवाहा ग्राम रोजगार सहायक एव राजेश यादव पर भ्रष्टाचार कर लाखों रुपए की राशि गमन करने का आरोप जिला पंचायत सदस्य राजधर कुशवाहा ने लगाया था।
जिसको लेकर उन्होंने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। जिस पर प्रथम अपर सत्र न्यायालय निवाड़ी ने यह आदेश दिया है। वीओ 01 ... मनरेगा में चल रही मनमर्जी पर न्यायालय ने तीखा प्रहार किया है। स्टॉपडेम निर्माण में फर्जी तरीके से मजदूरी की राशि आहरित करने के मामले में न्यायालय ने जनपद पृथ्वीपुर के सीईओ सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में परिवाद दर्ज कर लिया है।
न्यायालय के आदेश के बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
यूं तो मनरेगा में पूरे जिले में ही जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। मनरेगा में चल रही लापरवाहियों की शिकायतें अब आम बात हो गई है। जिले में चल रहे इस भ्रष्टाचार पर न्यायालय ने अंकुश लगाते हुए जनपद पृथ्वीपुर के सीईओ एवं मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश उपाध्याय, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा किशोरीलाल वर्मा, जनपद के सहायक लेखाधिकारी राजीव पाटौदिया, ग्राम पंचायत सियाखास के रोजगार सहायक शोभाराम कुशवाहा एवं ग्राम खारई निवासी राजेश कुमार यादव के खिलाफ धारा 120बी, 406, 409, 420, 467, 468 एवं 471 के तहत परिवाद पंजीबद्ध कर लिया है।
प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट आरएस दोहरे ने यह आदेश जारी किए है।
जिला पंचायत सदस्य राजकुमार उर्फ राजधर कुशवाहा ने न्यायालय में परिवाद पेश किया था। इसमें उनके द्वारा सबूतों के आधार पर बताया गया था कि मनरेगा के तहत ग्राम सियाखास में 36 लाख 73 हजार रूपए की राशि का स्टॉपडेम स्वीकृत किया गया था। इस कार्य में फर्जी तरीके से मस्टर जारी कर 2 लाख रूपए की मजदूरी का आहरण किया गया था। जबकि मस्टर में मजदूरों पर व्यय राशि 1 लाख 86 हजार 30 रूपए हो रही थी। वहीं मस्टर में जिन मजदूरों के नाम अंकित थे, या तो उनके द्वारा काम नही किया गया था, और जिनके द्वारा काम किया गया था,उनके फर्जी खाते खोलकर राशि आहरित की गई थी।
वही इस मामले में की शिकायत राजधर कुशवाहा द्वारा वरिष्ठ अधिकारियो से लेकर पुलिस तक को की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके बाद इस मामले में जिला पंचायत सदस्य राजधर कुशवाहा ने इसको लेकर न्यायालय में परिवाद दायर किया।जिसको न्यायालय ने
जांच में सही पाया। अधिवक्ता कैलाश नारायण रिछारिया ने बताया कि इस मामले की शिकायत होने पर जनपद द्वारा ही इसकी जांच कराई गई थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर जनपद सीईओ अखिलेश उपाध्याय ने ही दोषी सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर एक-एक हजार रूपए जुर्माना लगाकर सभी से 46-46 हजार रूपए जमा कराने के आदेश भी दिए थे।
लेकिन इसके बाद भी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नही की गई थी।जिले भर में चल रही मनरेगा के कार्यो में भ्रष्टाचार का यह मामला सामने आने के बाद अब हर कहीं पर इसकी चर्चा की जा रही है। वहीं प्रशासनिक हलकों में भी इसकी चर्चा जोरों पर है। विदित हो कि इन जिले में मनरेगा में आए दिन फर्जीवाड़े की अनेक शिकायतें आती है। कई मामलों में अधिकारियों द्वारा भी जांच के आदेश दिए जाते है, लेकिन यह शिकायत कहां दब जाती है, कुछ पता नही चलता। अब न्यायालय के आदेश के बाद हर कहीं पर इसकी चर्चाएं की जा रही है।
... रिपोर्ट :-खूबचन्द्र लोधी। (टीकमगढ)

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